
उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक मानसून सक्रिय बना हुआ है। भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है। उत्तर प्रदेश और बिहार में नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश के बीच पुल के नदी में गिरने की घटना ने स्थानीय स्तर पर आवागमन और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश और तेज बहाव वाले क्षेत्रों में पुल-पुलियों की स्थिति पर प्रशासन की निगरानी जरूरी हो गई है।
बिहार में गंगा का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। वाराणसी में भी गंगा का जलस्तर पिछले 30 घंटों में 1.26 मीटर से ज्यादा बढ़ा और चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। इससे नदी किनारे रहने वाले लोगों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।
बिहार में पहले से ही गंगा और उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
IMD ने 18 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, ओडिशा और पूर्वोत्तर के कई राज्य मौसम की निगरानी में हैं।
मध्य भारत में भी बारिश का असर तेज रहने की संभावना है। मंगलवार के पूर्वानुमान में छत्तीसगढ़, पूर्वी मध्य प्रदेश, ओडिशा और उत्तराखंड में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश का भी अलर्ट है।
मौसम का असर सितंबर की शुरुआत में भी बना रह सकता है। पूर्वी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है, जबकि कई अन्य क्षेत्रों में भी मानसूनी गतिविधियां बनी रहेंगी। इससे नदियों के जलस्तर, सड़क यातायात और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की समस्या बढ़ सकती है।
फिलहाल नदी किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। तेज बहाव वाले नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार करने से बचना चाहिए तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करना चाहिए। लगातार बारिश की स्थिति में राहत और बचाव एजेंसियों को भी अलर्ट मोड पर रहना होगा।



