
तमिल अभिनेता और राजनीतिक तौर पर सक्रिय हो चुके विजय थलापति के हालिया बयान ने तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। विजय ने कहा कि “सत्ता देरी कर सकती है, लेकिन दबा नहीं सकती”, जिसके बाद उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बयान को राजनीतिक दबाव, विश्वासघात और अंदरूनी साजिशों से जोड़कर देखा जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि विजय के करीबी माने जाने वाले कुछ लोगों की भूमिका को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा तेजी से वायरल हो रहा है, जहां समर्थक इसे विजय के खिलाफ राजनीतिक साजिश बता रहे हैं। वहीं विरोधी दल इसे सिर्फ राजनीतिक सहानुभूति हासिल करने की कोशिश करार दे रहे हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि विजय की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बना सकती है। फिल्मी लोकप्रियता के दम पर वे युवाओं के बीच तेजी से प्रभाव बढ़ा रहे हैं। ऐसे में उनके हर बयान और राजनीतिक कदम पर अब राज्य की प्रमुख पार्टियों की नजर बनी हुई है।



