विवेक चौहान को 23 साल बाद मिलेगा राष्ट्रपति मेडल, डकैतों से भिड़े थे

करीब 23 साल के लंबे इंतजार के बाद पूर्व पुलिस अधिकारी विवेक चौहान को उनके साहस और कर्तव्यनिष्ठा के लिए राष्ट्रपति मेडल मिलने जा रहा है। डकैतों के खिलाफ चलाए गए एक अभियान के दौरान चौहान ने जान की परवाह किए बिना मोर्चा संभाला था। अब उनके इसी साहस को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया जाएगा।
बताया गया है कि अभियान के दौरान पुलिस टीम का सामना हथियारबंद डकैतों से हुआ था। गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच विवेक चौहान ने बहादुरी से कार्रवाई की और अपने साथियों के साथ डकैतों का मुकाबला किया। उनके इस अदम्य साहस को देखते हुए वीरता सम्मान के लिए उनका नाम भेजा गया था।
हालांकि, सम्मान मिलने में करीब दो दशक से ज्यादा का समय लग गया। अब 23 साल बाद राष्ट्रपति मेडल मिलने की खबर ने उनके पुराने साथियों और परिवार में खुशी का माहौल पैदा कर दिया है। यह सम्मान पुलिस सेवा के दौरान उनके साहस और जोखिम उठाने की भावना की पहचान के तौर पर देखा जा रहा है।
मुख्य बातें
- विवेक चौहान को 23 साल बाद राष्ट्रपति मेडल मिलेगा।
- डकैतों के खिलाफ अभियान में उन्होंने बहादुरी दिखाई थी।
- गोलियों के बीच पुलिस टीम ने डकैतों का मुकाबला किया।
- लंबे इंतजार के बाद उनके साहस को आधिकारिक सम्मान मिलेगा।
- यह सम्मान उनके पुलिस सेवा के दौरान किए गए वीरतापूर्ण कार्य के लिए है।



