
नेपाल के विदेश मंत्री ने भारत और नेपाल के संबंधों को विशेष बताते हुए कहा कि दोनों देश केवल पड़ोसी ही नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति, परंपराओं और नदियों से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम एक ही नदियों की संतान हैं”, जो दोनों देशों के बीच गहरे और स्वाभाविक संबंधों को दर्शाता है।
विदेश मंत्री ने जोर देकर कहा कि भारत और नेपाल के रिश्ते सदियों पुराने हैं और इनकी नींव आपसी विश्वास, सांस्कृतिक निकटता और लोगों के बीच मजबूत संपर्क पर टिकी हुई है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली सीमा, धार्मिक संबंध और पारिवारिक जुड़ाव इस रिश्ते को और भी विशेष बनाते हैं।
हालिया कूटनीतिक वार्ताओं के संदर्भ में उन्होंने व्यापार, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, पर्यटन और सीमा पार सहयोग जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। उनका मानना है कि दोनों देश मिलकर क्षेत्रीय विकास और समृद्धि के नए अवसर पैदा कर सकते हैं।
नेपाल के विदेश मंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और नेपाल विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं पर मिलकर काम कर रहे हैं। दोनों देशों के बीच ऊर्जा सहयोग, सड़क और रेल संपर्क तथा आर्थिक साझेदारी को लेकर कई पहलें आगे बढ़ रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के सकारात्मक बयान भारत-नेपाल संबंधों को और मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। विदेश मंत्री का संदेश यह संकेत देता है कि दोनों देश अतीत की मित्रता को आधार बनाकर भविष्य में भी सहयोग और साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहते हैं।



