ईरान पर बरस रहे थे बम, तब जोजिला टनल पर डटे थे ईरानी इंजीनियर; बोले- भारत मेरा दूसरा घर

देश की महत्वाकांक्षी जोजिला टनल परियोजना पर काम कर रहे एक ईरानी इंजीनियर का भावुक बयान चर्चा का विषय बन गया है। इंजीनियर ने कहा कि भारत उनके लिए केवल कार्यस्थल नहीं, बल्कि दूसरा घर बन चुका है। उन्होंने बताया कि कठिन परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद उनका पूरा ध्यान परियोजना को समय पर पूरा करने पर केंद्रित रहा।
जोजिला टनल को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच हर मौसम में संपर्क सुनिश्चित करने वाली एक महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजना माना जाता है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और चुनौतीपूर्ण मौसम के बीच इस परियोजना पर देश-विदेश के विशेषज्ञ काम कर रहे हैं।
ईरानी इंजीनियर ने कहा कि भारत में उन्हें सम्मान, सहयोग और अपनापन मिला है। उनके अनुसार, यहां के सहकर्मियों और स्थानीय लोगों के साथ उनका गहरा जुड़ाव बन गया है। उन्होंने यह भी कहा कि इस परियोजना का हिस्सा बनना उनके पेशेवर जीवन का महत्वपूर्ण अनुभव है।
जोजिला टनल के पूरा होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के बीच आवागमन अधिक सुगम होने की उम्मीद है। इससे न केवल सामरिक दृष्टि से लाभ मिलेगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की परियोजनाएं केवल आधारभूत संरचना का निर्माण नहीं करतीं, बल्कि विभिन्न देशों के पेशेवरों के बीच सहयोग और मानवीय संबंधों को भी मजबूत बनाती हैं। ईरानी इंजीनियर का बयान इसी भावना को दर्शाता है, जिसमें उन्होंने भारत को अपना दूसरा घर बताया।



