कर्नाटक में बी नागेंद्र का इस्तीफा मंजूर, राज्यपाल ने जारी की अधिसूचना

कर्नाटक की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री बी नागेंद्र का मंत्रिपरिषद से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। यह फैसला मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की सिफारिश के बाद लिया गया।
राज्यपाल की ओर से जारी अधिसूचना में संविधान के अनुच्छेद 164(1) के तहत नागेंद्र का इस्तीफा स्वीकार किए जाने की जानकारी दी गई है। अधिसूचना 29 अगस्त की है, जिसे 30 अगस्त को सार्वजनिक किया गया।
बी नागेंद्र ने शुक्रवार को मंत्री पद से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। खास बात यह है कि वह तीन अगस्त को ही डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाली कैबिनेट में दोबारा शामिल हुए थे। दोबारा मंत्री बनने के करीब 25 दिन बाद उन्हें पद छोड़ना पड़ा।
नागेंद्र के इस्तीफे की पृष्ठभूमि में कर्नाटक महार्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता मामले को माना जा रहा है। विपक्ष ने इस मुद्दे को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बनाया और नागेंद्र के खिलाफ प्रदर्शन भी किए। मामले में करीब 89 करोड़ रुपये की कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया गया है।
नागेंद्र ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने कांग्रेस और राज्य सरकार को संभावित राजनीतिक नुकसान या शर्मिंदगी से बचाने के लिए स्वेच्छा से इस्तीफा दिया। वहीं विपक्षी बीजेपी-जेडीएस गठबंधन इस इस्तीफे को अपने दबाव की सफलता के रूप में पेश कर रहा है।
मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की ओर से भी नागेंद्र के खिलाफ अभियोजन की अनुमति मांगे जाने की बात सामने आई है। इस घटनाक्रम ने सरकार और कांग्रेस संगठन पर दबाव और बढ़ा दिया था।
बी नागेंद्र का इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही यह मामला कर्नाटक की सियासत में एक बार फिर केंद्र में आ गया है। विपक्ष इसे सरकार की जवाबदेही का मुद्दा बना रहा है, जबकि नागेंद्र लगातार अपनी भूमिका से इनकार करते रहे हैं। अब जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी।



