मोदी कैबिनेट विस्तार से पहले मंत्रालयों की समीक्षा, PM मोदी को मिलेगा रिपोर्ट कार्ड

केंद्र सरकार के कामकाज और प्रशासनिक सुधारों को गति देने के उद्देश्य से कैबिनेट सचिव ने 27 अक्टूबर 2026 को सभी मंत्रालयों के सचिवों की बैठक बुलाई है। इस बैठक में अलग-अलग मंत्रालयों की कार्यप्रणाली और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मंत्रालयों से मौजूदा योजनाओं की स्थिति, उनके क्रियान्वयन और भविष्य में किए जाने वाले कार्यों की विस्तृत जानकारी तैयार रखने को कहा गया है।
प्रधानमंत्री मोदी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट
बैठक में मंत्रालयों के सचिव अपने-अपने विभाग के कामकाज का ब्योरा देंगे। इसमें यह देखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में कितनी प्रगति हुई है और उनसे आम लोगों को किस तरह का लाभ मिल रहा है। बैठक के बाद तैयार की जाने वाली समग्र रिपोर्ट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने प्रस्तुत की जाएगी। इसके आधार पर प्रशासनिक सुधारों और योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसले लिए जा सकते हैं।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और ईज ऑफ लिविंग पर जोर
सरकार की प्राथमिकताओं में कारोबार करना आसान बनाना यानी ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और आम लोगों के जीवन को सुविधाजनक बनाना यानी ‘ईज ऑफ लिविंग’ शामिल हैं। सरकार चाहती है कि इन सुधारों का लाभ केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि छोटे शहरों, कस्बों और गांवों तक भी पहुंचे। इसके लिए नियमों और प्रक्रियाओं को सरल बनाने, सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर ध्यान दिया जा सकता है।
सरकारी योजनाओं की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की होगी समीक्षा
मंत्रालयों से केवल चल रही योजनाओं की जानकारी ही नहीं, बल्कि उनके परिणामों और आगे की रणनीति का ब्योरा भी मांगा गया है। समीक्षा के दौरान यह समझने की कोशिश होगी कि योजनाओं का लाभ निर्धारित लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं और उनके क्रियान्वयन में किन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। इससे विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने और लंबित कामों को तेजी से पूरा करने के लिए कदम उठाए जा सकते हैं।
कैबिनेट विस्तार की अटकलों के बीच बैठक क्यों अहम?
मंत्रालयों की समीक्षा ऐसे समय हो रही है, जब राजनीतिक गलियारों में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में संभावित फेरबदल को लेकर चर्चा चल रही है। ऐसे में रिपोर्ट कार्ड को मंत्रियों और मंत्रालयों के प्रदर्शन के आकलन से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार 27 अक्टूबर की बैठक सचिवों के जरिए मंत्रालयों के कामकाज की समीक्षा के लिए बुलाई गई है। इससे अपने आप यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि कैबिनेट विस्तार या फेरबदल की तारीख तय हो गई है।
‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ पर सरकार का फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार प्रशासनिक सुधार, बेहतर प्रदर्शन और व्यवस्था में बदलाव पर जोर देते रहे हैं। मंत्रालयों की समीक्षा को इसी व्यापक दृष्टिकोण से जोड़कर देखा जा सकता है। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं के परिणामों में सुधार हो, सरकारी प्रक्रियाएं आसान बनें और नागरिकों को सेवाएं समय पर मिलें। 27 अक्टूबर की बैठक और उसके बाद तैयार होने वाली रिपोर्ट से यह सामने आ सकेगा कि अलग-अलग मंत्रालयों की प्राथमिकताएं क्या हैं और सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए किन कदमों पर विचार किया जा रहा है।



