साइबर फ्रॉड और डीपफेक पर PM मोदी का बड़ा आह्वान, ग्लोबल फ्रेमवर्क जरूरी

इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेजी से बदलती डिजिटल दुनिया में साइबर फ्रॉड और डीपफेक को बड़ी चुनौती बताते हुए वैश्विक स्तर पर मिलकर काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक का विस्तार जितनी तेजी से हो रहा है, उतनी ही तेजी से ऑनलाइन धोखाधड़ी और कृत्रिम तरीके से तैयार की गई भ्रामक सामग्री से जुड़े जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
डीपफेक तकनीक के जरिए किसी व्यक्ति की तस्वीर, आवाज या वीडियो में कृत्रिम बदलाव करके गलत या भ्रामक सामग्री तैयार की जा सकती है। वहीं साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों से आम नागरिकों, संस्थानों और डिजिटल सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऐसे में साइबर सुरक्षा को मजबूत करने और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भरोसा बनाए रखने के लिए देशों के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री के आह्वान में तकनीकी कंपनियों, सरकारों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता भी महत्वपूर्ण है। अलग-अलग देशों में साइबर अपराध और डीपफेक से निपटने के नियम अलग होने के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर साझा मानकों और सहयोग की जरूरत महसूस की जा रही है।
डिजिटल तकनीक के विस्तार के साथ लोगों में साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना भी जरूरी है। फर्जी वीडियो, आवाज या संदेशों की विश्वसनीयता जांचे बिना उन्हें साझा करने से गलत सूचना तेजी से फैल सकती है। ऐसे में तकनीकी उपायों के साथ डिजिटल साक्षरता और जिम्मेदार ऑनलाइन व्यवहार को भी मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



