क्या सच में होता है जादू-टोना? धर्मग्रंथ क्या कहते हैं

जादू-टोना और तंत्र-मंत्र को लेकर सदियों से लोगों के बीच रहस्य और डर बना रहा है। अलग-अलग धर्मों और संस्कृतियों में इसे अलग नजरिए से देखा जाता है। हिंदू धर्म के कुछ ग्रंथों में तंत्र और मंत्र साधना का उल्लेख मिलता है, लेकिन वेदों में मुख्य रूप से सकारात्मक ऊर्जा, यज्ञ, मंत्र और आध्यात्मिक ज्ञान पर जोर दिया गया है। नकारात्मक उद्देश्यों के लिए शक्तियों के उपयोग को उचित नहीं माना गया।
इस्लाम में भी जादू-टोना यानी “सिहर” का उल्लेख मिलता है। कुरान में इसे एक परीक्षा और गलत रास्ते के रूप में बताया गया है, जिससे बचने और अल्लाह पर भरोसा रखने की सलाह दी गई है। वहीं ईसाई धर्म की पवित्र पुस्तक बाइबिल में भी जादू-टोना और काले जादू जैसी गतिविधियों से दूर रहने की बात कही गई है।
हालांकि आधुनिक विज्ञान जादू-टोना जैसी बातों को प्रमाणित नहीं मानता और कई मामलों को मनोवैज्ञानिक प्रभाव, अंधविश्वास या सामाजिक डर से जोड़कर देखता है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी समस्या का समाधान तर्क, चिकित्सा और सही मार्गदर्शन से खोजने की कोशिश करनी चाहिए, न कि डर या भ्रम में पड़कर।



