धर्म-आस्था
गलंतिका के नियम: जेठ की गर्मी में महादेव को जल अर्पण का महत्व


हिंदू धर्म में जेठ माह की तपती गर्मी के दौरान भगवान शिव को जल अर्पित करने की परंपरा का विशेष महत्व माना जाता है। इसी परंपरा का एक रूप “गलंतिका” कहलाता है, जिसमें शिवलिंग पर लगातार बूंद-बूंद जल टपकाया जाता है। मान्यता है कि इससे भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गलंतिका स्थापित करते समय स्वच्छता और पूजा नियमों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। जल पात्र को इस तरह रखा जाता है कि शिवलिंग पर निरंतर जल की धारा या बूंदें गिरती रहें। कई लोग इसमें गंगाजल, बेलपत्र और सुगंधित पुष्प भी अर्पित करते हैं, जिन्हें शिव पूजा में अत्यंत शुभ माना गया है।
कहा जाता है कि जेठ की गर्मी में यह पूजा मानसिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा और सुख-समृद्धि का प्रतीक मानी जाती है। हालांकि यह पूरी तरह धार्मिक आस्था और परंपराओं पर आधारित है, लेकिन भक्त इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाते हैं।