Vrishchik Sankranti 2025: प्रीति और अमृत सिद्धि योग में मनाई जाएगी वृश्चिक संक्रांति, मिलेगा दोगुना पुण्यफल

वृश्चिक संक्रांति 2025 इस बार विशेष योगों के साथ आ रही है। इस वर्ष सूर्य देव जब वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे, तब प्रीति योग और अमृत सिद्धि योग का संयोग बनेगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन दोनों योगों में किया गया कोई भी धार्मिक कार्य, दान, स्नान या पूजा अत्यंत शुभ फल देता है। यही कारण है कि इस बार की वृश्चिक संक्रांति को विशेष और फलदायी माना जा रहा है।
पंचांग के अनुसार, सूर्य का वृश्चिक राशि में प्रवेश 16 नवंबर 2025 को सुबह 7:48 बजे होगा। इस समय से ही संक्रांति का पुण्यकाल आरंभ हो जाएगा। इस दिन श्रद्धालु स्नान, दान और सूर्य देव की आराधना कर अपने जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।
वृश्चिक संक्रांति का धार्मिक महत्व बहुत गहरा है। मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करने से पाप नष्ट होते हैं और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही, सूर्य देव को जल अर्पण करने से स्वास्थ्य, समृद्धि और उन्नति का आशीर्वाद मिलता है।
इस वर्ष बनने वाला प्रीति योग गुरु और चंद्रमा के प्रभाव से शुभ फल देने वाला माना गया है, जबकि अमृत सिद्धि योग में किए गए कर्म दोगुना फल प्रदान करते हैं। इस योग में पूजा-पाठ, जप-तप और दान करने से जीवन में सुख-समृद्धि और सफलता के योग बनते हैं।
वृश्चिक राशि में सूर्य का प्रवेश अग्नि तत्व की शक्ति को बढ़ाता है, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है। इसलिए इस दिन व्यक्ति को नए कार्यों की शुरुआत, निवेश या जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए कदम उठाने चाहिए।
कुल मिलाकर, Vrishchik Sankranti 2025 का यह अवसर केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि आत्मिक विकास के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। जो भी इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक पूजा करेगा, उसे निश्चित रूप से दोगुना फल प्राप्त होगा।



