क्या मैं हरमनप्रीत हूं?’— बांग्लादेश कप्तान निगार का बयान चर्चा में | विवाद पर दी सफाई

भारत और बांग्लादेश की महिला टीमों के बीच हुए हालिया मुकाबले के बाद फैले विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। बांग्लादेश महिला टीम की कप्तान निगार सुल्ताना ने मारपीट और झगड़े से जुड़े सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। सोशल मीडिया पर फैल रहे आरोपों के बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि मैदान पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था जिसकी वजह से इसे ‘लड़ाई’ या ‘मारपीट’ कहा जाए। उन्होंने साथ ही भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर पर तंज कसते हुए कहा— “क्या मैं हरमनप्रीत हूं, जो इस तरह का बर्ताव करूं?”
दरअसल, मैच के बाद इंटरनेट पर कुछ वीडियो और पोस्ट वायरल हुए जिनमें दावा किया गया कि दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच हाथापाई की स्थिति बन गई थी। इन दावों पर प्रतिक्रिया देते हुए निगार सुल्ताना ने कहा कि ये सब सोशल मीडिया पर फैलाया गया भ्रम है। उनका कहना है कि मैच के दौरान हल्की नोकझोंक और प्रतिस्पर्धी माहौल हमेशा रहता है, लेकिन इसे झगड़ा या मारपीट का नाम देना गलत है। उन्होंने साफ किया कि उनकी टीम खेल भावना को सबसे ऊपर रखती है और भारत के खिलाफ मैच को भी उसी तरह खेला गया।
निगार ने अपने बयान में अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय कप्तान हरमनप्रीत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि खिलाड़ी को मैदान पर अपना संयम बनाए रखना चाहिए और अपने व्यवहार से खेल की गरिमा को बनाए रखना चाहिए। उनका यह बयान इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि कुछ समय पहले हरमनप्रीत कौर पर अंपायरिंग से नाराज़ होकर स्टंप पर बैट मारने और बाद में विरोधी टीम से विवाद करने का आरोप लगा था। निगार के ‘क्या मैं हरमनप्रीत हूं?’ वाले बयान को उसी पुराने विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत और बांग्लादेश की टीमों के बीच हमेशा अच्छा खेल होता है और मैदान पर प्रतिस्पर्धा के बावजूद खिलाड़ियों के बीच सम्मान बना रहता है। ऐसे में अफवाहें फैलाकर दोनों देशों के क्रिकेट संबंधों को खराब करना सही नहीं है। उन्होंने फैंस से भी अपील की कि वे बिना पुष्टि के किसी भी वीडियो या पोस्ट पर विश्वास न करें।
निगार सुल्ताना के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। कुछ लोग इसे बेवजह का विवाद बता रहे हैं, वहीं कुछ इसे क्रिकेट में बढ़ते आक्रामक रवैये का परिणाम मान रहे हैं। हालांकि, बांग्लादेश कप्तान की सफाई के बाद मामले की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।



