‘वो फैसला बदल सकते थे’: रोहित शर्मा की कप्तानी छीने जाने पर पूर्व बल्लेबाज का बड़ा बयान, जय शाह पर भी सवाल

भारतीय क्रिकेट में एक बार फिर कप्तानी को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाए जाने के फैसले पर एक पूर्व भारतीय बल्लेबाज खुलकर भड़क उठे हैं। उन्होंने न सिर्फ चयन समिति के निर्णय पर सवाल खड़े किए, बल्कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव जय शाह का नाम लेते हुए कहा कि अगर चाहते तो यह फैसला बदला जा सकता था। पूर्व खिलाड़ी का मानना है कि रोहित शर्मा ने भारतीय क्रिकेट के लिए जो योगदान दिया है, उसे देखते हुए उनके साथ इस तरह का व्यवहार सही नहीं ठहराया जा सकता।
पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि रोहित शर्मा ने टीम इंडिया को कई यादगार जीत दिलाई हैं और बड़े टूर्नामेंट्स में उनका कप्तानी रिकॉर्ड भी मजबूत रहा है। ऐसे में अचानक उन्हें कप्तानी से हटाना न सिर्फ चौंकाने वाला है, बल्कि इससे टीम के भीतर भी गलत संदेश जाता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि बोर्ड के शीर्ष पदों पर बैठे लोगों के पास इतना अधिकार होता है कि वे अंतिम समय पर भी फैसले में बदलाव कर सकते हैं।
जय शाह का नाम लेते हुए पूर्व खिलाड़ी ने कहा कि बतौर BCCI सचिव उनकी भूमिका बेहद अहम होती है। अगर वह चाहते तो चयन समिति और बोर्ड के बीच चर्चा कर इस फैसले पर दोबारा विचार कराया जा सकता था। उनके मुताबिक, यह केवल एक खिलाड़ी का मुद्दा नहीं है, बल्कि टीम की स्थिरता और भविष्य की रणनीति से जुड़ा मामला है। कप्तानी में बार-बार बदलाव से खिलाड़ियों के मनोबल पर भी असर पड़ता है।
इस बयान के बाद क्रिकेट फैंस के बीच बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई लोग रोहित शर्मा के समर्थन में उतर आए हैं और बोर्ड के फैसले पर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। वहीं कुछ का मानना है कि भविष्य को देखते हुए नए कप्तान को मौका देना जरूरी था। हालांकि, आलोचकों का कहना है कि अगर बदलाव करना ही था तो उसे बेहतर संवाद और सम्मानजनक तरीके से किया जाना चाहिए था।
कुल मिलाकर, रोहित शर्मा को कप्तानी से हटाने का फैसला अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह प्रशासनिक निर्णयों और पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर रहा है। आने वाले दिनों में BCCI की ओर से इस पर क्या सफाई आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।



