यूपी में महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग से जोड़ने पर जोर, केशव मौर्य के निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन (PMFME) योजना के जरिए महिलाओं की उद्यमिता और सहभागिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने के लिए प्रेरित करने और आवश्यक सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
सरकार का फोकस खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को छोटे खाद्य उद्योगों से जोड़ने पर है। इसके लिए प्रदेश में स्थापित कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों का अधिकतम उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। इन केंद्रों में महिलाओं को उत्पादन, प्रसंस्करण और तकनीकी सुविधाओं के साथ अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
प्रदेश में फिलहाल 14 स्थानों पर कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। मेरठ, सहारनपुर, आगरा, बरेली, झांसी, लखनऊ, कौशांबी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, वाराणसी, मिर्जापुर, अलीगढ़ और कानपुर देहात में ये केंद्र संचालित हैं। यहां दुग्ध, बेकरी, पेठा, नमकीन, सरसों तेल, आम, हल्दी, तुलसी और अमरूद जैसे उत्पादों से जुड़ी 46 प्रोसेसिंग लाइनें स्थापित की गई हैं।
PMFME योजना के तहत उत्तर प्रदेश को अब तक 31,335 यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य मिला है। इनमें करीब 27 हजार इकाइयों के लिए ऋण स्वीकृत हो चुका है। पिछले दो वर्षों में प्रदेश में करीब 16 हजार यूनिट स्थापित की गई हैं, जिसके साथ उत्तर प्रदेश इस योजना के क्रियान्वयन में देश में शीर्ष पर बताया गया है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश को 9,000 नई यूनिट स्थापित करने का लक्ष्य दिया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला स्तर के अधिकारियों, रिसोर्स पर्सन और बैंकों को अधिक से अधिक आवेदन कराने तथा लंबित ऋण आवेदनों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध फल, सब्जियां, अनाज, दूध और अन्य कृषि उत्पादों को प्रोसेस कर बाजार में बेचने से उत्पादों की वैल्यू बढ़ सकती है और महिलाओं के लिए आय के नए अवसर तैयार हो सकते हैं।
सरकार की योजना केवल यूनिट स्थापित करने तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता, बैंक ऋण और बाजार से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं छोटे कारोबार को आगे बढ़ाकर औपचारिक उद्यम का रूप दे सकती हैं।
कुल मिलाकर, केशव मौर्य के निर्देशों के बाद यूपी में महिलाओं को फूड प्रोसेसिंग उद्यमी बनाने पर जोर बढ़ा है। PMFME योजना और कॉमन इन्क्यूबेशन सेंटरों के जरिए महिलाओं को तकनीकी और वित्तीय सहयोग देकर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है।



