लखनऊ में पार्थ इंफ्राबिल्ड के 400 खरीदारों को 10 साल बाद भी नहीं मिले फ्लैट

लखनऊ में पार्थ इंफ्राबिल्ड परियोजना से जुड़े करीब 400 फ्लैट खरीदार पिछले 10 वर्षों से अपने घर मिलने का इंतजार कर रहे हैं। लंबे समय से निर्माण कार्य अधूरा होने और फ्लैट का कब्जा नहीं मिलने से खरीदारों में भारी नाराजगी है। अब इस मामले ने राजनीतिक रूप ले लिया है और स्थानीय विधायक ने ACS गृह को पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।
विधायक ने अपने पत्र में कहा है कि परियोजना में देरी के कारण सैकड़ों परिवार आर्थिक और मानसिक परेशानी झेल रहे हैं। कई खरीदार बैंक की ईएमआई के साथ किराए का बोझ भी उठा रहे हैं। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई और खरीदारों को जल्द न्याय दिलाने की मांग की है।
फ्लैट खरीदारों का कहना है कि उन्होंने वर्षों पहले अपनी जमा पूंजी लगाकर घर का सपना देखा था, लेकिन अब तक उन्हें न फ्लैट मिला और न ही कोई स्पष्ट जवाब। इस मामले ने एक बार फिर रियल एस्टेट परियोजनाओं में देरी और खरीदारों की समस्याओं को उजागर कर दिया है।



