
उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए सचिवालय में कार्यरत 8 उप-सचिवों को पदोन्नत कर संयुक्त सचिव बना दिया है। यह आदेश 1 जुलाई से प्रभावी हो गया है और इसके साथ ही राज्य प्रशासनिक ढांचे में महत्वपूर्ण फेरबदल देखने को मिला है।
सरकारी आदेश के अनुसार, पदोन्नत अधिकारियों को अब अधिक जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी और वे नीति निर्माण एवं प्रशासनिक कार्यों में पहले से अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस कदम को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और कार्यप्रणाली को और मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, इन अधिकारियों को विभिन्न विभागों में तैनात किया जा सकता है, जहां वे सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में योगदान देंगे। पदोन्नति से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बदलाव से शासन व्यवस्था में नई ऊर्जा आती है और कार्यों के निष्पादन में सुधार होता है। राज्य सरकार लगातार प्रशासनिक सुधारों की दिशा में कदम उठा रही है, जिसका यह फैसला भी एक हिस्सा है।



