AK शर्मा का गुस्सा: ‘मेरे खिलाफ सुपारी दी गई!’ | सीएम योगी ने लगाई अधिकारियों को फटकार
उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने एक चौंकाने वाला बयान देते हुए कहा, “मेरे खिलाफ सुपारी दी गई है।” यह टिप्पणी उन्होंने उस समय की जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनके विभाग के अधिकारियों की कार्यशैली पर कड़ी फटकार लगाई। इसके बाद से राज्य की सियासत में हलचल तेज हो गई है और यह सवाल उठने लगा है कि आखिर मंत्री एके शर्मा किस पर निशाना साध रहे थे?
मामला एक समीक्षा बैठक का है जिसमें सीएम योगी ने ऊर्जा और नगर विकास विभाग के कामकाज पर असंतोष जताते हुए अधिकारियों को जमकर खरी-खरी सुनाई। खास तौर पर शहरी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति, सफाई व्यवस्था और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की धीमी प्रगति को लेकर मुख्यमंत्री ने नाराज़गी जताई।
इसके तुरंत बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऐसा लगता है जैसे कोई मेरे खिलाफ साजिश रच रहा है, जैसे मेरी छवि को धूमिल करने की सुपारी दे दी गई हो। मैं पूरी मेहनत से काम कर रहा हूं और फिर भी मुझे निशाने पर लिया जा रहा है।”
एके शर्मा पूर्व IAS अधिकारी रह चुके हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विश्वस्त माने जाते हैं। ऐसे में उनका इस प्रकार भावनात्मक और आक्रामक रुख अपनाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए यह भी संकेत दिया कि कुछ अधिकारी या राजनीतिक लोग उनके खिलाफ माहौल बना रहे हैं।
सीएम योगी आदित्यनाथ, जो प्रशासनिक सख्ती के लिए जाने जाते हैं, ने बैठक में कहा कि “जनता की सेवा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि काम में सुधार नहीं हुआ तो जिम्मेदार अफसरों और कर्मचारियों पर कार्रवाई होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटना केवल विभागीय असंतोष नहीं, बल्कि आंतरिक शक्ति संघर्ष का भी संकेत हो सकती है। एके शर्मा का बयान यह दर्शाता है कि वे अपने ऊपर हो रहे हमलों से आहत हैं और अब खुलकर बोलने को तैयार हैं।
इस पूरे प्रकरण ने यह भी उजागर कर दिया है कि सरकार के भीतर संवाद और समन्वय की कमी कुछ अहम मंत्रालयों में कार्यप्रणाली को प्रभावित कर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री द्वारा सीधे हस्तक्षेप कर अधिकारियों को चेतावनी देना, आने वाले समय में बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है।
निष्कर्षतः, मंत्री एके शर्मा का “सुपारी” बयान केवल एक व्यक्तिगत प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार के भीतर मौजूद दबाव और राजनीति का आईना भी है। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री योगी इस मुद्दे को कैसे संभालते हैं और क्या यह मामला किसी बड़े प्रशासनिक फेरबदल की ओर बढ़ेगा।



