उत्तर प्रदेशबड़ी खबर

इलाहाबाद हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, सरकारी विभाग लालफीताशाही का बहाना बनाकर देरी की माफी नहीं मांग सकते

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा है कि सरकारी विभाग लालफीताशाही (Red Tapism) या आंतरिक प्रशासनिक प्रक्रिया में हुई देरी का बहाना बनाकर हर बार माफी नहीं मांग सकते। अदालत ने स्पष्ट किया कि सरकारी संस्थाओं को भी तय समयसीमा और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करना होगा।

कोर्ट ने कहा कि सरकारी विभागों की जिम्मेदारी आम नागरिकों और अन्य पक्षों से अलग नहीं है। यदि किसी मामले में देरी होती है तो उसके लिए ठोस और संतोषजनक कारण प्रस्तुत करना जरूरी है। केवल फाइलों के एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी तक जाने या विभागीय प्रक्रिया का हवाला देना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

फैसले के प्रमुख बिंदु:

  • सरकारी विभागों को समयबद्ध तरीके से काम करना चाहिए।
  • प्रशासनिक देरी को स्वतः उचित कारण नहीं माना जा सकता।
  • देरी माफी के लिए वास्तविक और स्पष्ट कारण बताना जरूरी है।
  • न्यायिक प्रक्रिया में समय की अहम भूमिका होती है।

अदालतों में कई बार सरकारी विभाग देरी से दाखिल अपील या याचिकाओं के लिए विभागीय प्रक्रियाओं का हवाला देते हैं। ऐसे मामलों में अदालतें यह जांचती हैं कि देरी जानबूझकर हुई या उसके पीछे कोई वास्तविक परिस्थिति थी।

हाई कोर्ट की यह टिप्पणी प्रशासनिक जवाबदेही और समय पर निर्णय लेने की जरूरत को रेखांकित करती है। इससे सरकारी विभागों को अपने कामकाज में अधिक प्रभावी और समयबद्ध व्यवस्था अपनाने का संदेश मिलता है।

नोट: अदालत का आदेश संबंधित मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर होता है। इसका प्रभाव अन्य मामलों में समान रूप से लागू होने के लिए कानूनी व्याख्या पर निर्भर करता है।

Computer Jagat 24

Founded in 2018, Computer Jagat24 has quickly emerged as a leading news source based in Lucknow, Uttar Pradesh. Our mission is to inspire, educate, and outfit our readers for a lifetime of adventure and stewardship, reflecting our commitment to providing comprehensive and reliable news coverage.

संबंधित समाचार

Back to top button