मुस्तफाबाद का नाम क्यों बदला? सीएम योगी आदित्यनाथ ने बताई हैरान करने वाली वजह

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार एक बार फिर चर्चा में है, क्योंकि सरकार ने मुस्तफाबाद का नाम बदलने का बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद इस नाम परिवर्तन की वजह बताई है, जो लोगों के लिए हैरान करने वाली है। सीएम योगी ने कहा कि “नाम केवल पहचान नहीं, बल्कि इतिहास और संस्कृति का दर्पण होता है।” उन्होंने स्पष्ट किया कि मुस्तफाबाद का नाम उस क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के अनुरूप नहीं था, इसलिए इसे बदलने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस इलाके का पुराना नाम प्राचीन काल में एक प्रसिद्ध संत और स्थानीय लोकदेवता से जुड़ा हुआ था, लेकिन मुग़ल काल के दौरान इसका नाम बदल दिया गया था। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तर प्रदेश की हर जगह अपने मूल और गौरवशाली नाम से जानी जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों का बोध हो। उन्होंने कहा कि यह फैसला किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि इतिहास को सही रूप में प्रस्तुत करने की दिशा में एक कदम है।
राज्य सरकार ने इस नाम परिवर्तन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और जल्द ही नया नाम सरकारी गजट में प्रकाशित किया जाएगा। स्थानीय लोगों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र की पहचान अब अपने पुराने गौरव से जुड़ जाएगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विपक्षी दलों ने हालांकि इस कदम की आलोचना की है और इसे “राजनीतिक एजेंडा” बताया है, लेकिन योगी सरकार का कहना है कि यह कदम जनता की भावना और सांस्कृतिक अस्मिता से जुड़ा है। योगी आदित्यनाथ ने दोहराया कि “उत्तर प्रदेश की भूमि संतों और ऋषियों की रही है, यहां की हर जगह का नाम हमारी परंपरा का प्रतीक होना चाहिए।”
इस तरह मुस्तफाबाद का नाम बदलने का निर्णय केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक दृष्टि से भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो योगी सरकार की “सांस्कृतिक पुनर्जागरण” की नीति का हिस्सा है।



