
लखनऊ में कई घनी आबादी वाली बस्तियां इन दिनों आग के गंभीर खतरे के मुहाने पर खड़ी हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से अब तक ठोस कार्रवाई नहीं दिखाई दे रही है। संकरी गलियां, अव्यवस्थित बिजली कनेक्शन और ज्वलनशील सामग्री का खुले में रखा होना इन इलाकों में आग लगने की आशंका को और बढ़ा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार प्रशासन को संभावित खतरे के बारे में आगाह किया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। फायर सेफ्टी के इंतजाम नाकाफी हैं और कई जगहों पर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, गर्मी के मौसम में आग लगने की घटनाएं बढ़ जाती हैं, ऐसे में इन बस्तियों में बड़े हादसे का खतरा और अधिक बढ़ जाता है। यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो किसी भी वक्त बड़ा नुकसान हो सकता है।
यह स्थिति न केवल प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाती है, बल्कि शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोग अब जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि किसी बड़ी त्रासदी से बचा जा सके।



