UAPA मामले की सुनवाई में देरी पर हाई कोर्ट सख्त, विशेष अदालत से मांगी रिपोर्ट

यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) से जुड़े एक मामले की सुनवाई में हो रही देरी पर हाई कोर्ट ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। अदालत ने मामले की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताते हुए संबंधित विशेष अदालत से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
हाई कोर्ट ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट में अब तक हुई सुनवाई, लंबित कार्यवाही और देरी के प्रमुख कारणों का स्पष्ट उल्लेख किया जाए। अदालत ने यह भी जानना चाहा कि मामले के शीघ्र निस्तारण के लिए विशेष अदालत की ओर से क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
अदालत ने कहा कि गंभीर मामलों में समयबद्ध सुनवाई न्यायिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अनावश्यक देरी न केवल न्यायिक व्यवस्था पर प्रभाव डालती है, बल्कि सभी पक्षों के अधिकारों से भी जुड़ी होती है। इसलिए ऐसे मामलों में नियमित और प्रभावी सुनवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
अब विशेष अदालत की रिपोर्ट के आधार पर हाई कोर्ट मामले की अगली सुनवाई में आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश तय करेगा। इस मामले पर न्यायिक प्रक्रिया जारी है और अंतिम निर्णय अदालत की आगामी सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।



