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योगी सरकार में हीटवेव से ग्रीन वेव की ओर तेजी बढ़ रहा है नया उत्तर प्रदेश

  • वन विभाग ने जारी की वर्ष 2020-21 से 2024-25 में रोपित पौधों की जीवितता रिपोर्ट
  • वन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 से रोपित पौधों की औसत जीवितता 86.67 प्रतिशत
  • यूपी में राष्ट्रीय औसत से तेजी से बढ़ रहा है ग्रीन कवर, वृक्षावरण में वृद्धि की दर 3.72 प्रतिशत
  • फॉरेस्ट कार्बन स्टॉक वृद्धि की यूपी की दर है राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुनी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश हीट वेव से ग्रीन वेव की ओर तेजी से अग्रसर है। सीएम योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में उत्तर प्रदेश पर्यावरण संरक्षण और हरित आवरण वृद्धि के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर रहा है। इस दिशा क्रम में पौधरोपण महा अभियान ने इस वर्ष 2025 में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” थीम के तहत 37.21 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। पिछले आठ वर्षों से प्रदेश में चल रहे पौध रोपण महाभियान के तहत अब तक 240 करोड़ से अधिक पौधे लगाये जा चुके हैं। वन विभाग की ओर से जारी की गई वर्ष 2021-22 से लेकर 2024-25 तक रोपित किये गये पौधों की जीवितता लगभग 86.67 प्रतिशत दर्ज हैं। साथ ही इस अभियान के चलते प्रदेश में हरित आवरण और फॉरेस्ट कार्बन स्टॉक में भी राष्ट्रीय औसत से तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है।

वन विभाग ने जारी की है वर्ष 2020-21 से 2024-25 की पौधों की जीवितता रिपोर्ट

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप पौध रोपण का लक्ष्य केवल रिकार्ड संख्या में पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी पर्याप्त देखभाल और सुरक्षा कर पर्यावरण संतुलन की दिशा में सकारात्मक और स्थाई परिवर्तन लाना है। इसी क्रम में वन विभाग ने पौधरोपण की जीवितता सुनिश्चित करने के लिए विशेष मॉनिटरिंग और मूल्यांकन व्यवस्था की है। वन विभाग की अनुश्रवण शाखा की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2021-22 में पौधों की जीवितता 76.87%, 2022-23 में 83.73%, 2023-24 में 90.04% और 2024-25 में हुए सर्वेक्षण के अनुसार 96.06% दर्ज की गई है। रिपोर्ट के अनुसार 2020-21 से 2024-25 के काल में प्रदेश में लगाये गये पौधों में से लगभग 86.67 प्रतिशत से अधिक पौधे जीवित हैं। जो प्रदेश में ग्रीन कवर एरिया और पर्यावरण संतुलन बढ़ाने में उल्लेखनीय वृद्धि कर रहे हैं।

हरित आवरण वृद्धि में यूपी का है देश में दूसरा स्थान

सीएम योगी आदित्यनाथ के कुशल नेतृत्व में एक पेड़ मां के नाम 2.0 एक जन आंदोलन का रूप ले चुका है। इस अभियान के तहत वर्ष 2017 से अब तक उत्तर प्रदेश में हरित आवरण में लगभग 5 लाख एकड़ की ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान प्रदेश में वन और वृक्ष आवरण 9.18 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 10 प्रतिशत हो गया है। जिसके तहत प्रदेश में वृक्षावरण में वर्ष 2017 से 2021 के बीच लगभग 2 लाख और 2021 से 2023 के बीच 1.38 लाख एकड़ की वृद्धि हुई थी। जो वर्तमान में बढ़कर लगभग 5 लाख एकड़ हो चुकी है, इस उपलब्धि के साथ उत्तर प्रदेश हरित आवरण वृद्धि में वर्तमान में देश में दूसरे स्थान पर है। भारतीय वन सर्वेक्षण, देहरादून की वन स्थिति रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2023 तक यूपी के वन क्षेत्रों के बाहर वृक्षावरण में 3.72% की वृद्धि दर्ज की गई, जो राष्ट्रीय औसत 3.41% से अधिक है। इसके अलावा, फॉरेस्ट कार्बन स्टॉक में 2.46% की वृद्धि हुई, जो कि राष्ट्रीय औसत 1.13% से लगभग दोगुनी है। जिस आधार पर लगभग 72 मिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) के अवशोषण का अनुमान है, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में उत्तर प्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान है।

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