लखनऊ विश्वविद्यालय ने बनाया गले के कैंसर की पहचान करने वाला AI मॉडल

लखनऊ विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने गले के कैंसर (थ्रोट कैंसर) की शुरुआती और सटीक पहचान के लिए अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडल तैयार किया है। यह मॉडल मेडिकल डेटा और आधुनिक मशीन लर्निंग तकनीक की मदद से बीमारी के शुरुआती संकेतों का विश्लेषण कर संभावित कैंसर की पहचान करने में सक्षम है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि इस AI मॉडल का उद्देश्य डॉक्टरों की जगह लेना नहीं, बल्कि उन्हें अधिक सटीक और तेज़ निर्णय लेने में सहायता प्रदान करना है। शुरुआती चरण में कैंसर का पता चलने से मरीजों के सफल इलाज की संभावना काफी बढ़ जाती है और उपचार पर आने वाला समय व खर्च भी कम हो सकता है।
विश्वविद्यालय के अनुसार, इस तकनीक को विकसित करने के दौरान विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों और शोधकर्ताओं का सहयोग लिया गया। भविष्य में इस मॉडल को और अधिक डेटा के साथ प्रशिक्षित कर इसकी सटीकता बढ़ाने की दिशा में भी काम किया जाएगा। यदि यह तकनीक व्यापक स्तर पर अपनाई जाती है, तो देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में कैंसर की जांच और निदान प्रणाली को नई मजबूती मिल सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ऐसी तकनीकें आने वाले समय में मेडिकल साइंस में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। लखनऊ विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।



