UP में अब नतीजों से होगी स्कूलों की पहचान, सितंबर तक तय होंगे सभी योजनाओं के KPI

उत्तर प्रदेश सरकार स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणाम आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। अब स्कूलों की पहचान केवल योजनाओं के क्रियान्वयन से नहीं, बल्कि उनके वास्तविक परिणामों के आधार पर होगी। इसके लिए शिक्षा विभाग ने सितंबर तक सभी प्रमुख योजनाओं के Key Performance Indicators (KPI) तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नई व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, स्कूलों में उपस्थिति, आधारभूत सुविधाओं, डिजिटल शिक्षा, शिक्षकों के प्रदर्शन और सरकारी योजनाओं के प्रभाव जैसे विभिन्न मानकों पर नियमित मूल्यांकन किया जाएगा। इन तय मानकों के आधार पर स्कूलों और संबंधित अधिकारियों के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में लापरवाही या निर्धारित लक्ष्यों को पूरा न करने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों और स्कूलों को प्रोत्साहित करने की भी योजना है।
शिक्षा विभाग का मानना है कि KPI आधारित मूल्यांकन प्रणाली से योजनाओं की निगरानी अधिक पारदर्शी होगी, संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।



