लखनऊ में 53 हजार किसानों की रजिस्ट्री में अड़चन

लखनऊ जिले में लगभग 53 हजार किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया विभिन्न दस्तावेजी और तकनीकी समस्याओं के कारण प्रभावित हो रही है। अधिकारियों के अनुसार सबसे बड़ी समस्या आधार रिकॉर्ड में दर्ज नाम और पारिवारिक विवरण से जुड़ी हुई है, जिसके कारण सत्यापन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
कई मामलों में आधार कार्ड में पिता के नाम के स्थान पर स्वयं किसान का नाम दर्ज होने या अन्य विवरणों में विसंगति पाए जाने से रजिस्ट्री पोर्टल पर डेटा का मिलान नहीं हो रहा है। इसके चलते बड़ी संख्या में किसानों के आवेदन लंबित पड़े हैं।
फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य किसानों का प्रमाणिक डिजिटल डाटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी और कृषि संबंधी लाभों का पारदर्शी एवं समयबद्ध लाभ मिल सके। लेकिन दस्तावेजों में त्रुटियों के कारण इस प्रक्रिया की गति प्रभावित हो रही है।
कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारी किसानों को आधार और अन्य अभिलेखों में आवश्यक संशोधन कराने की सलाह दे रहे हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर कैंप और सहायता केंद्रों के माध्यम से समस्याओं के समाधान का प्रयास भी किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल रजिस्ट्री प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए आधार, भूमि अभिलेख और अन्य सरकारी रिकॉर्ड का सटीक होना बेहद आवश्यक है। रिकॉर्ड में छोटी त्रुटियां भी बड़े स्तर पर सत्यापन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं।
प्रशासन का लक्ष्य लंबित मामलों का शीघ्र समाधान कर अधिक से अधिक किसानों की रजिस्ट्री पूरी करना है, ताकि वे सरकार की विभिन्न कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के प्राप्त कर सकें।



