
उत्तर प्रदेश की सियासत में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है। PDA को लेकर दोनों नेताओं ने एक-दूसरे पर तीखे हमले किए हैं। ब्रजेश पाठक ने PDA के मायने अपने अंदाज में बताते हुए सपा पर निशाना साधा, जबकि अखिलेश यादव ने भी पलटवार करते हुए बीजेपी की नीतियों पर सवाल उठाए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि PDA को लेकर यह बयानबाजी आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। दोनों दल अपने-अपने वोट बैंक को साधने की कोशिश में लगे हैं। इस मुद्दे ने प्रदेश की राजनीति को और गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और तेज हो सकता है।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि PDA का असली मतलब जनता को गुमराह करना है, और समाजवादी पार्टी सिर्फ राजनीतिक लाभ के लिए ऐसे नारे गढ़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की नीतियां केवल परिवारवाद और तुष्टिकरण तक सीमित हैं।
वहीं अखिलेश यादव ने जवाब देते हुए कहा कि PDA सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक है। उन्होंने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार असल मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे बयान दे रही है।
इस बयानबाजी के बीच कार्यकर्ताओं में भी जोश देखा जा रहा है, और दोनों पार्टियां इस मुद्दे को जनता के बीच जोर-शोर से उठा रही हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह विवाद आने वाले समय में और गहराएगा और चुनावी रणनीतियों का अहम हिस्सा बन सकता है।



