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मध्य फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं कराने की तैयारी, परिणाम अप्रैल में संभव

सीबीएसई की 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाओं का कार्यक्रम जारी होने के बाद यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाओं को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग मध्य फरवरी से परीक्षाएं कराने की तैयारी कर रहा है। उधर, मुख्यमंत्री ने भी परीक्षाएं समय से कराने के निर्देश दिए हैं ताकि अप्रैल में शैक्षिक सत्र की शुरुआत हो सके।

बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार चालू सत्र की शुरुआत में घोषित शैक्षिक कैलेंडर में मार्च में परीक्षाएं कराना प्रस्तावित है, लेकिन बीते दिनों शासन स्तर पर हुई बैठक में मध्य फरवरी यानी 15 या 16 तारीख तक परीक्षाएं शुरू कराने का प्रस्ताव आया था। इसमें कहा गया है कि कार्यक्रम इस तरह तय किया जाए कि परीक्षाओं का समापन होली यानी 8 मार्च तक हो जाए। इससे पहले प्रयोगात्मक परीक्षाएं 15 जनवरी तक शुरू कराने का प्रस्ताव है। ये परीक्षाएं दो चरणों में 15 फरवरी तक करा ली जाएंगी। परीक्षाएं समाप्त होते ही मूल्यांकन कार्य शुरू होगा।

बोर्ड के सूत्रों का कहना है कि परीक्षाओं के बाद कोशिश होगी कि मूल्यांकन कार्य भी समय से करा लिया जाए ताकि नया शैक्षिक सत्र बहुत प्रभावित न हो। हालांकि परिणाम घोषणा अप्रैल में होने की संभावना है। परीक्षाओं को समय से कराने के लिए जिलेवार केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया भी जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद का कहना है कि बोर्ड परीक्षा कार्यक्रम के बारे उच्च स्तर से निर्णय हो रहा है। वहां से कार्यक्रम तय होने के बाद कोई घोषणा होगी।

58 लाख से अधिक परीक्षार्थी

यूपी बोर्ड परीक्षा में पिछले साल के मुकाबले इस बार यानी वर्ष 2023 में परीक्षार्थियों की संख्या बढ़ी है। परीक्षा के लिए 58 लाख 67 हजार 398 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। इनमें हाईस्कूल के पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 31 लाख 16 हजार 485 और इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों की संख्या 27 लाख 50 हजार 913 है। पिछले वर्ष 2022 में कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों की संख्या 51 लाख 92 हजार 616 थी।

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