1 जुलाई से शुरू होगा दूसरा चरण; योगी सरकार ने जारी किए निर्देश

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के प्रत्येक बच्चे को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘स्कूल चलो अभियान’ के दूसरे चरण की शुरुआत की तैयारी पूरी कर ली है। यह अभियान 1 जुलाई से पूरे राज्य में शुरू होगा और इसके लिए सभी जिलों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य ऐसे बच्चों की पहचान करना है जो किसी कारणवश स्कूल से बाहर हैं या नियमित रूप से विद्यालय नहीं जा रहे हैं। शिक्षा विभाग इन बच्चों को दोबारा स्कूलों में नामांकित कराने और उनकी नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर विशेष जोर देगा।
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम स्तर से लेकर जिला स्तर तक विशेष अभियान चलाकर अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूक किया जाए। इसके साथ ही विद्यालयों में नामांकन बढ़ाने के लिए जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों और स्थानीय समुदाय का सहयोग भी लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य सरकार शिक्षा के क्षेत्र में नामांकन, आधारभूत सुविधाओं और सीखने की गुणवत्ता में सुधार के लिए लगातार प्रयास कर रही है। स्कूल चलो अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
अधिकारियों के अनुसार विशेष ध्यान आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, प्रवासी परिवारों के बच्चों और स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों पर दिया जाएगा। अभियान के दौरान घर-घर संपर्क कर बच्चों को विद्यालय से जोड़ने की कोशिश की जाएगी।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रकार के अभियान प्रभावी ढंग से लागू किए जाएं, तो विद्यालयी शिक्षा का दायरा बढ़ेगा और ड्रॉपआउट दर में कमी लाने में मदद मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।



