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महाराजा सुहेलदेव के सम्मान में ‘विजय दिवस’ मनाएगी सुभासपा, मंत्री ओपी राजभार ने सपा-कांग्रेस पर लगाया यह आरोप

लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को महाराजा सुहेलदेव राजभर की ‘आक्रांताओं’ पर ऐतिहासिक जीत के सम्मान में भव्य समारोह आयोजित करने की घोषणा की और समाजवादी पार्टी (सपा) तथा कांग्रेस पर सुहेलदेव की विरासत को इतिहास से मिटाने का आरोप लगाया।

राजभर ने लखनऊ में प्रेस वार्ता में कहा, “आज मैं एक ऐतिहासिक घोषणा करने और कुछ गंभीर सवाल उठाने आया हूं। सालों पहले, महाराजा सुहेलदेव राजभर ने 3 लाख लोगों की सेना के साथ लूट और विनाश फैलाने के लिए भारत में प्रवेश करने वाले महमूद गजनवी के कमांडर सालार मसूद गाजी की हमलावर सेनाओं को हराकर भारतीय संस्कृति और पहचान की रक्षा की थी।”

राजभर ने महाराजा सुहेलदेव राजभर की उस जीत को न केवल सैन्य विजय बल्कि भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रक्षा का प्रतीक बताते हुए कहा कि 10 जून को महाराजा सुहेलदेव की निर्णायक जीत के स्थल यानी बहराइच में एक भव्य ‘विजय दिवस’ ​​समारोह आयोजित किया जाएगा।

राजभर ने कहा, “मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान शौर्य मेला भी आयोजित किया जाएगा जिसमें सभी समुदायों के लोग भाग लेंगे। यह हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को फिर से जीवंत और उसे संरक्षित करने का अवसर होगा।” उन्होंने विरोधी राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा करते हुए आरोप लगाया कि इन पार्टियों ने महाराजा सुहेलदेव के योगदान को नजरअंदाज किया।

ओपी राजभार ने सपा और कांग्रेस पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने कहा, “मैं समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और कांग्रेस से पूछना चाहता हूं कि क्या आपने वोट बैंक की राजनीति के लिए महाराजा सुहेलदेव राजभर जैसे राष्ट्रीय नायक की विरासत को मिटाने की कोशिश की? उनकी कहानी को पाठ्यपुस्तकों से बाहर क्यों रखा गया?”

उन्होंने यह भी कहा, “समाजवादी पार्टी ने बहराइच में आक्रांता सालार मसूद गाजी की याद में कार्यक्रम क्यों आयोजित किए लेकिन उसी धरती पर सुहेलदेव की बहादुरी का सम्मान कभी नहीं किया?” राजभर ने कहा, “इतिहास में मुगलों के साथ हमेशा लड़ाई होती रही है। उनके वंशजों से वोट मांगने के लिए सपा और कांग्रेस ने सारी ‘ड्रामेबाजी’ की।”

सुभासपा अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने सुहेलदेव की विरासत को मान्यता दिलाने के लिए लगातार और संगठित संघर्ष किया था। इसी संघर्ष के दौरान मांग की गई थी कि 10 जून को पूरे देश में विजय दिवस के रूप में मनाया जाए। उन्होंने कहा, “वह दिन अब करीब है।”

उन्होंने सुहेलदेव की प्रतिमा स्थापित करने, उनके नाम पर विश्वविद्यालय की स्थापना करने, उनकी वीरगाथा को शैक्षणिक पाठ्यक्रम में शामिल करने, डाक टिकट जारी करने और स्मारकों के निर्माण की मांग उठाने का श्रेय अपनी पार्टी को दिया।

राजभर ने कहा, “मैं महाराजा सुहेलदेव के योगदान को मान्यता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद देता हूं। बहराइच में उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है, चित्तौरा झील (बहराइच) के पास एक स्मारक पार्क का निर्माण किया गया है और उनके सम्मान में आजमगढ़ में एक विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। उनकी विरासत को चिह्नित करने के लिए एक डाक टिकट भी जारी किया गया है।” उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव सिर्फ राजभर समुदाय के नायक नहीं थे, बल्कि भारत राष्ट्र और उसके मूल्यों के रक्षक थे।

सुभासपा प्रमुख ने कहा, ‘‘भाजपा की अगुवाई वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन गौतम बुद्ध, छत्रपति शाहूजी महाराज, दीन दयाल उपाध्याय और अन्य महान हस्तियों के योगदान को दुनिया के सामने लाया है। वहीं, कांग्रेस के नेता राहुल गांधी विदेश यात्रा के दौरान देश को कठघरे में खड़ा करते हैं।”

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