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ज्ञानवापी परिसर की सर्वे रिपोर्ट वाराणसी कोर्ट में दाखिल

ज्ञानवापी-शृंगार गौरी प्रकरण में स्पेशल एडवोकेट कमिश्नर विशाल सिंह ने कमीशन की कार्यवाही रिपोर्ट सिविल जज (सीनियर डिविजन) की अदालत में गुरुवार को दाखिल कर दी। सर्वे रिपोर्ट करीब 10 से 15 पेज की है।

वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में हुए सर्वे की पहली रिपोर्ट बुधवार को तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्र ने सौंप दी। देर शाम सौंपी गई रिपोर्ट दो पेज की है। वहीं आज विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने भी अपनी सर्वे रिपोर्ट कोर्ट में दाखिल कर दी। मामले को लेकर वाराणसी कोर्ट परिसर में हलचल बढ़ गई है। मीडिया को कचहरी परिसर से बाहर रखा गया है।

सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट दाखिल करने से पहले दोनों पक्ष के लोग कोर्ट में मौजूद रहे। सर्वे रिपोर्ट 15 पेज की है। साथ में नक्शानजरी और कार्यवाही का विवरण भी दाखिल की गई है। इस रिपोर्ट पर सिविल जज सीनियर डिवीजन रवि कुमार दिवाकर की अदालत में थोड़ी देर में सुनवाई की जाएगी।

इधर, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई शुक्रवार तक स्थगित कर दी। इसके साथ देश की शीर्ष अदालत ने वाराणसी की निचली कोर्ट को निर्देश दिया है कि वह तब तक इस मामले में कोई आदेश जारी नहीं करे। इधर, ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने के दावे सहित सभी मुद्दों पर आपत्ति तलब कर निपटारे और कमीशन की रिपोर्ट जमा करने के लिए भी अदालत में आज सुनवाई होनी है।

बता दें कि सात मई को कमीशन की अधूरी कार्यवाही पर 12 मई को न्यायालय ने अधिवक्ता आयुक्त के साथ ही विशेष अधिवक्ता आयुक्त विशाल सिंह और सहायक अधिवक्ता आयुक्त अजय प्रताप सिंह को नियुक्त किया था। इसके बाद 17 मई को अदालत ने अधिवक्ता आयुक्त अजय मिश्रा को अधिवक्ता आयुक्त के पद से मुक्त कर दिया।

तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त ने प्रशासन पर लगाया असहयोग का आरोप

तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने अपनी रिपोर्ट में सात मई को हुई कमीशन की कार्यवाही में प्रतिवादी प्रदेश सरकार, जिलाधिकारी व पुलिस आयुक्त्त पर असहयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने लिखा है कि सात मई को 100 से ज्यादा मुस्लिम पक्ष बैरिकेड के दूसरी तरफ मौजूद थे, उनके इकट्ठा होने के बाद शासन व पुलिस ने आगे की कार्यवाही में सहयोग पर असमर्थता जाहिर की।

इसके कारण कमीशन की कार्यवाही मुकम्मल रूप से नहीं की जा सकी थी। वाराणसी में सिविल जज सीनियर डिवीजन न्यायालय के आदेशानुसार प्राचीन आदि विश्वेश्वर परिसर के बारे में राखी सिंह आदि बनाम उत्तर प्रदेश सरकार आदि वाद में कोर्ट कमीशन द्वारा वीडियोग्राफी कराने के निर्देश दिए गए थे।

ज्ञानवापी मस्जिद की दीवार पर देवी-देवताओं की कलाकृति

छह और सात मई को हुई कमीशन की कार्यवाही में ज्ञानवापी मस्जिद की दीवारों पर देवी देवताओं की कलाकृतियां पाई गई हैं। तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त अजय कुमार मिश्रा ने बुधवार को अदालत में दाखिल रिपोर्ट में बताया गया है कि ज्ञानवापी मस्जिद की पिछली दीवार पर शेषनाग, कमल के निशान के साथ धार्मिक चिन्ह मौजूद हैं।

दीवार के उत्तर से पश्चिम की ओर से शिलापट्ट पर सिंदूरी रंग की उभरी हुई कलाकृति है। इसमें देव विग्रह के रूप में चार मूर्तियों की आकृति दिखाई दे रही है। इस आंशिक रिपोर्ट को न्यायालय ने रिकॉर्ड में ले लिया है। सिविल जज सीनियर डिवीजन की अदालत में दाखिल दो पेज की रिपोर्ट में तत्कालीन अधिवक्ता आयुक्त ने बताया कि शिलापट्ट पर चार देव विग्रह दिखाई दे रहे हैं। चौथी आकृति साफ तौर पर मूर्ति जैसी दिख रही है और उस पर सिंदूर का मोटा लेप लगा हुआ है। इसके आगे दीपक जलाने के उपयोग में लाया गया त्रिकोणीय ताखा (गंउखा) में फूल रखे हुए थे। बैरिकेडिंग के अंदर व मस्जिद की पश्चिम दीवार के बीच मलबे का ढेर पड़ा है।

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