अयोध्या टोल मुक्ति पर NHAI से होगी वार्ता, होली तक आंदोलन स्थगित

धार्मिक नगरी अयोध्या में टोल मुक्ति को लेकर चल रहा आंदोलन फिलहाल होली तक स्थगित कर दिया गया है। आंदोलनकारी संगठनों ने घोषणा की है कि वे केंद्र सरकार की संस्था National Highways Authority of India (NHAI) के साथ औपचारिक वार्ता के बाद ही आगे की रणनीति तय करेंगे। स्थानीय नागरिकों, व्यापार मंडलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि रामनगरी में बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या और धार्मिक पर्यटन को देखते हुए टोल टैक्स में छूट या पूर्ण मुक्ति दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि अयोध्या अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आस्था का प्रमुख केंद्र बन चुका है, ऐसे में यहां आने वाले श्रद्धालुओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डाला जाना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से टोल प्लाजा के पास धरना-प्रदर्शन और ज्ञापन सौंपने का सिलसिला जारी था, जिससे प्रशासन पर भी दबाव बढ़ रहा था। हालांकि प्रशासन ने संवाद के माध्यम से समाधान निकालने की अपील की थी। आंदोलनकारियों ने कहा कि होली जैसे प्रमुख त्योहार के मद्देनजर वे किसी प्रकार का तनाव नहीं चाहते, इसलिए फिलहाल आंदोलन को विराम दिया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि NHAI सकारात्मक रुख अपनाता है तो स्थायी समाधान निकल सकता है। दूसरी ओर, अधिकारियों का कहना है कि टोल नीति राष्ट्रीय स्तर पर तय होती है और इसमें किसी भी बदलाव के लिए नियमों व आर्थिक पहलुओं पर विचार आवश्यक है। सूत्रों के अनुसार, प्रस्तावित वार्ता में स्थानीय जनप्रतिनिधि भी शामिल हो सकते हैं, ताकि आम जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से रखा जा सके। व्यापारियों का दावा है कि टोल शुल्क के कारण आसपास के क्षेत्रों से आने वाले ग्राहकों की संख्या प्रभावित होती है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। वहीं कुछ विशेषज्ञों का मत है कि टोल से प्राप्त राजस्व सड़क रखरखाव और विकास कार्यों के लिए जरूरी होता है, इसलिए संतुलित समाधान ही बेहतर विकल्प होगा। फिलहाल सभी पक्षों की निगाहें प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं। यदि वार्ता सकारात्मक रही तो होली के बाद आंदोलन समाप्त भी हो सकता है, लेकिन यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो आंदोलन दोबारा तेज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



