परिषदीय स्कूलों के शिक्षक बनेंगे डिजिटल निपुण, स्मार्ट कोडिंग और AI की मिलेगी ट्रेनिंग

उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन स्कूलों के शिक्षकों को डिजिटल रूप से निपुण बनाने के लिए स्मार्ट कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों से परिचित कराना और उन्हें डिजिटल शिक्षण के लिए तैयार करना है, ताकि वे छात्रों को भी भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शिक्षा दे सकें। नई शिक्षा नीति और डिजिटल इंडिया मिशन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने यह योजना तैयार की है, जिसके तहत चरणबद्ध तरीके से हजारों शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को बेसिक कंप्यूटर स्किल्स, कोडिंग की शुरुआती जानकारी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और स्मार्ट क्लासरूम में पढ़ाने के आधुनिक तरीकों से अवगत कराया जाएगा। इसके साथ ही उन्हें डिजिटल टूल्स, ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म और शैक्षणिक ऐप्स के इस्तेमाल की भी जानकारी दी जाएगी, जिससे पढ़ाई अधिक इंटरैक्टिव और प्रभावी बन सके। इस पहल से परिषदीय स्कूलों के छात्र भी आधुनिक तकनीकी ज्ञान से जुड़ पाएंगे और ग्रामीण व शहरी शिक्षा के बीच का अंतर कम करने में मदद मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि जब शिक्षक तकनीक के साथ कदम मिलाकर चलेंगे तो शिक्षा की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले समय में सरकारी स्कूलों के छात्र भी कोडिंग, रोबोटिक्स और AI जैसी उभरती तकनीकों की बुनियादी समझ हासिल कर सकें। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रमों के साथ डिजिटल संसाधन और स्मार्ट डिवाइस भी उपलब्ध कराए जाने की योजना है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की पहल से न केवल शिक्षकों की दक्षता बढ़ेगी बल्कि छात्रों की सीखने की क्षमता और रुचि भी बढ़ेगी। कुल मिलाकर यह कदम परिषदीय स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को मजबूत करने और भविष्य की तकनीकी चुनौतियों के लिए छात्रों को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।



