बीमारू राज्य से देश का ‘ग्रोथ इंजन’ बना यूपी
डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में छाया यूपी मॉडल

डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग के दौरान उत्तर प्रदेश के विकास और सुशासन मॉडल की व्यापक चर्चा हुई। कार्यक्रम में यह उल्लेख किया गया कि कभी ‘बीमारू राज्य’ की श्रेणी में गिने जाने वाले उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्षों में आर्थिक, औद्योगिक और प्रशासनिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में राज्य में बुनियादी ढांचे के विकास, निवेश आकर्षित करने, कानून-व्यवस्था में सुधार और डिजिटल प्रशासन को मजबूत करने जैसे कदमों को विकास यात्रा के महत्वपूर्ण आधार के रूप में प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से सरकारी सेवाओं की पारदर्शिता और पहुंच में सुधार हुआ है। विभिन्न ऑनलाइन सेवाओं, डिजिटल भुगतान प्रणालियों और ई-गवर्नेंस पहलों ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में भूमिका निभाई है।
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन से जुड़े प्रयासों का भी उल्लेख किया गया। राज्य में एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक कॉरिडोर और अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को विकास की गति बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों के रूप में देखा गया।
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े जनसंख्या वाले राज्य में डिजिटल गवर्नेंस और प्रशासनिक सुधारों का प्रभाव राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण हो सकता है। इसी कारण उत्तर प्रदेश के मॉडल को कई मंचों पर अध्ययन और चर्चा का विषय बनाया जा रहा है।
डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग में यह भी रेखांकित किया गया कि सुशासन, तकनीक और विकास के संयोजन से राज्य को नई पहचान मिली है। वक्ताओं के अनुसार उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक प्रगति में और महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।



