गंगा एक्सप्रेसवे हरिद्वार तक बढ़ेगा, 10,761 करोड़ की परियोजना

उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क के विस्तार को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस परियोजना की अनुमानित लागत 10,761 करोड़ रुपये है।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार के बाद प्रयागराज से हरिद्वार तक तेज और नियंत्रित सड़क कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। करीब 130 किलोमीटर के प्रस्तावित विस्तार में लगभग 100 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और 30 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों के बीच एमओयू किया जाएगा।
इस परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर बिजनौर और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। एक्सप्रेसवे के विस्तार से यात्रियों और माल परिवहन के लिए तेज मार्ग उपलब्ध होने के साथ क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।
गंगा एक्सप्रेसवे का हरिद्वार तक विस्तार धार्मिक पर्यटन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रयागराज और हरिद्वार दोनों प्रमुख धार्मिक एवं कुंभ नगरियां हैं। दोनों शहरों के बीच बेहतर सड़क संपर्क बनने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आवागमन को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
परियोजना का पूरा व्यय उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जाएगा और मौजूदा जानकारी के अनुसार इसमें केंद्र सरकार की वित्तीय भागीदारी प्रस्तावित नहीं है। विस्तार वाले हिस्से का टोल भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वसूला जाएगा। उत्तराखंड में पड़ने वाले हिस्से के निर्माण के लिए दोनों राज्यों के बीच समन्वय किया जाएगा।
गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कारोबार, परिवहन और निवेश को भी गति मिलने की संभावना है। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण औद्योगिक क्षेत्रों और स्थानीय बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। इससे लॉजिस्टिक्स और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों के विस्तार का रास्ता भी खुल सकता है।
कुल मिलाकर हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे का विस्तार उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को एक नया आयाम देगा। इससे प्रयागराज, मेरठ, बिजनौर और हरिद्वार जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी और धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।



