26/11 हमले के पीड़ित ने ‘धुंरधर’ के सीन पर दिया रिएक्शन, दर्दनाक यादें हुईं ताजा

मुंबई के 26/11 आतंकी हमले को भले ही वर्षों बीत चुके हों, लेकिन उस रात का डर, दर्द और दहशत आज भी पीड़ितों के दिलों में जिंदा है। हाल ही में फिल्म ‘धुंरधर’ के एक खास सीन पर 26/11 हमले के एक पीड़ित ने ऐसा रिएक्शन दिया, जिसे सुनकर हर किसी के रोंगटे खड़े हो जाएंगे। यह सीन आतंक के बीच फंसे आम लोगों की बेबसी और डर को बेहद वास्तविक तरीके से दिखाता है, जिसने पीड़ित की यादों को फिर से ताजा कर दिया।
पीड़ित ने कहा कि जैसे ही उन्होंने फिल्म का वह दृश्य देखा, उन्हें लगा मानो वे फिर उसी रात में लौट गए हों। गोलियों की आवाज, भागते हुए लोग, चीख-पुकार और जान बचाने की जद्दोजहद—सब कुछ उनकी आंखों के सामने घूमने लगा। उन्होंने बताया कि उस समय सबसे ज्यादा डर इस बात का था कि अगला पल उनका आखिरी भी हो सकता है। हर सेकेंड भारी लग रहा था और सांस लेना तक मुश्किल हो गया था।
पीड़ित के मुताबिक, फिल्म का वह सीन सिर्फ अभिनय नहीं लगा, बल्कि हकीकत का आईना था। उन्होंने कहा कि कई फिल्में ऐसी घटनाओं को दिखाती हैं, लेकिन ‘धुंरधर’ के उस सीन ने जिस तरह से डर और असहायता को दिखाया, वह बिल्कुल वैसा ही था जैसा उन्होंने खुद महसूस किया था। यही वजह है कि सीन खत्म होने के बाद भी उनका दिल तेजी से धड़कता रहा और आंखें नम हो गईं।
उन्होंने यह भी कहा कि 26/11 जैसे हमले सिर्फ उस पल नहीं, बल्कि जिंदगी भर का जख्म छोड़ जाते हैं। सालों बाद भी कोई आवाज, कोई दृश्य या कोई फिल्म का सीन उन यादों को फिर जगा देता है। पीड़ित ने लोगों से अपील की कि वे ऐसे हमलों को सिर्फ खबर या फिल्म की तरह न देखें, बल्कि समझें कि इसके पीछे सैकड़ों जिंदगियां हमेशा के लिए बदल जाती हैं।
इस रिएक्शन के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों की भावनाएं उमड़ पड़ीं। कई यूजर्स ने कहा कि ऐसे बयान हमें याद दिलाते हैं कि आतंकवाद का असली चेहरा कितना क्रूर होता है। ‘धुंरधर’ का यह सीन सिर्फ एक फिल्मी पल नहीं, बल्कि उन दर्दनाक यादों की झलक है, जिन्हें 26/11 के पीड़ित आज भी अपने भीतर समेटे हुए हैं।



