भारत का इकलौता 28 अक्षरों वाला रेलवे स्टेशन: जानिए इसका पूरा नाम और रोचक कहानी

भारत में रेलवे स्टेशनों के नाम अक्सर किसी ऐतिहासिक, सांस्कृतिक या भौगोलिक महत्व के आधार पर रखे जाते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि देश में एक ऐसा स्टेशन भी है जिसका नाम इतना लंबा है कि पूरा बोलते-बोलते ट्रेन भी छूट जाए? यह अनोखा रिकॉर्ड है वेंकटनरसिम्हाराजुवारिपेटा (Venkatanarasimharajuvaripeta) रेलवे स्टेशन के नाम पर, जिसके नाम में पूरे 28 अक्षर हैं। यह भारत का इकलौता रेलवे स्टेशन है, जिसका नाम सबसे लंबा है और अपनी विशिष्टता के कारण यह हमेशा चर्चा में रहता है। यह स्टेशन आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की सीमा पर स्थित है और दक्षिण रेलवे के अरक्कोनम–रेनिगुंटा सेक्शन में आता है। इस स्टेशन का नाम इतना बड़ा है कि स्टेशन बोर्ड पर इसे पढ़ने में ही समय लग जाता है, और कई लोग मजाक में कहते हैं कि नाम पूरा बोलते-बोलते तो ट्रेन निकल ही जाएगी।
वेंकटनरसिम्हाराजुवारिपेटा रेलवे स्टेशन का नाम स्थानीय इतिहास और एक प्रमुख जमींदार परिवार से जुड़ा हुआ माना जाता है। पुराने समय में इस क्षेत्र पर राजू वंश के प्रभावशाली परिवार का शासन रहा था, जिनके नाम पर इस स्टेशन का नामकरण किया गया। नाम के लंबे होने के बावजूद यह स्टेशन आकार में बहुत छोटा है और यहां सीमित सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि, इसके लंबे नाम के कारण यह रेलवे प्रेमियों और यात्रियों के बीच एक आकर्षण का केंद्र बन चुका है। कई लोग सिर्फ इसका नेम बोर्ड देखने और फोटो खिंचवाने के लिए यहां आते हैं।
इस स्टेशन की एक खास बात यह है कि इसका कोड मात्र VKZ है, जो इसके बड़े नाम के बिल्कुल उलट बेहद छोटा और सरल है। रेलवे स्टाफ और स्थानीय लोग इसी कोड का उपयोग करते हैं, क्योंकि हर बार इतना लंबा नाम बोलना संभव नहीं होता। चाहे आप भारतीय रेलवे के रोचक तथ्यों में रुचि रखते हों या अनोखे नामों की खोज करना पसंद करते हों, वेंकटनरसिम्हाराजुवारिपेटा स्टेशन निश्चित रूप से आपकी जिज्ञासा को बढ़ा देता है। नाम की अनोखी लंबाई और ऐतिहासिक पृष्ठभूमि इसे भारत के सबसे दिलचस्प रेलवे स्टेशनों में से एक बनाती है। लंबे नामों के मामले में यह स्टेशन देश ही नहीं, एशिया के सबसे लंबे नाम वाले स्टेशनों में भी गिना जाता है। इसलिए अगली बार जब आप भारतीय रेलवे के दिलचस्प तथ्य खोजें, तो इस 28 अक्षरों वाले स्टेशन का नाम जरूर याद रखें।



