नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम का 89 साल की उम्र में निधन, बेटे हेकॉन बने राजा

नॉर्वे के राजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। रॉयल पैलेस के मुताबिक राजा ने शुक्रवार, 28 अगस्त को सुबह 6:35 बजे ओस्लो यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल में शांतिपूर्वक अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद नॉर्वे के शाही परिवार और देश में शोक की लहर है।
किंग हेराल्ड पंचम यूरोप के सबसे उम्रदराज़ कार्यरत सम्राट थे। उन्होंने जनवरी 1991 में अपने पिता किंग ओलाव पंचम के निधन के बाद नॉर्वे की गद्दी संभाली थी। तीन दशक से अधिक लंबे शासनकाल के दौरान उन्होंने देश के शाही संस्थान को आधुनिक और आम लोगों के करीब रखने में अहम भूमिका निभाई।
हेराल्ड पंचम अपने सरल स्वभाव और खेलों के प्रति जुनून के लिए भी जाने जाते थे। वह नौकायन के बेहतरीन खिलाड़ी थे और ओलंपिक में नॉर्वे का प्रतिनिधित्व भी कर चुके थे। अपने शासनकाल में उन्होंने सामाजिक सहिष्णुता, विविधता और लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर कई बार खुलकर बात की।
किंग हेराल्ड की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने 1968 में सोन्या हाराल्डसन से शादी की थी। सोन्या शाही परिवार से नहीं आती थीं और इस रिश्ते को लेकर उस समय पारंपरिक शाही व्यवस्था में आपत्तियां भी थीं। लंबे प्रेम संबंध के बाद दोनों ने विवाह किया और बाद में सोन्या नॉर्वे की क्वीन बनीं।
हेराल्ड पंचम और क्वीन सोन्या के दो बच्चे हैं—क्राउन प्रिंस हेकॉन और प्रिंसेस मार्था लुईस। हेकॉन अपने पिता के शासनकाल में लंबे समय तक उत्तराधिकारी के तौर पर शाही जिम्मेदारियां निभाते रहे। राजा की तबीयत खराब होने पर वह कई बार रीजेंट की भूमिका भी संभाल चुके थे।
पिता के निधन के साथ ही 53 वर्षीय क्राउन प्रिंस हेकॉन नॉर्वे के नए राजा बन गए। उन्हें किंग हेकॉन VIII के नाम से जाना जाएगा। नॉर्वे की संवैधानिक व्यवस्था के तहत उत्तराधिकारी को राजा की मृत्यु के बाद स्वतः राजगद्दी मिल जाती है।
नए राजा हेकॉन की शादी 2001 में मेटे-मैरिट त्जेसेम होइबी से हुई थी। मेटे-मैरिट पहले से एक बच्चे की मां थीं और उनका शाही परिवार से कोई संबंध नहीं था। दोनों की शादी के समय भी यह रिश्ता काफी चर्चा में रहा था, लेकिन बाद में वह नॉर्वे की क्राउन प्रिंसेस बनीं।
हेकॉन के राजा बनने के बाद उनकी बेटी प्रिंसेस इंग्रिड एलेक्जेंड्रा अब उत्तराधिकार की अगली प्रमुख दावेदार हैं। नॉर्वे के शाही परिवार में सत्ता का यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब परिवार को हाल के वर्षों में कई विवादों और सार्वजनिक जांच का सामना करना पड़ा है।
किंग हेराल्ड पंचम का निधन नॉर्वे के शाही इतिहास के एक लंबे अध्याय का अंत है। तीन दशक से अधिक समय तक उन्होंने देश का प्रतिनिधित्व किया और राष्ट्रीय संकटों के दौरान एकता और स्थिरता का संदेश दिया। अब नॉर्वे की राजशाही की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के हाथों में है।



