उज्बेकिस्तान में चलेगा UPI, PM मोदी के दौरे में 11 समझौते; यूरेनियम डील भी अहम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान यात्रा भारत के लिए कई मायनों में अहम रही। दौरे के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 11 अहम समझौते और समझौता ज्ञापन हुए।
दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धियों में भारतीय डिजिटल पेमेंट सिस्टम UPI को उज्बेकिस्तान में शुरू करने का फैसला शामिल है। इससे दोनों देशों के बीच डिजिटल भुगतान और वित्तीय कनेक्टिविटी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उज्बेकिस्तान UPI को अपनाने वाला एक और विदेशी बाजार बनने जा रहा है।
भारत के लिए यूरेनियम आपूर्ति समझौता भी बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों देशों ने उज्बेकिस्तान से भारत को लंबे समय तक यूरेनियम की आपूर्ति के लिए व्यवस्था आगे बढ़ाने पर सहमति जताई। यह भारत की बढ़ती परमाणु ऊर्जा जरूरतों और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ेगा। इसके लिए खनन क्षेत्र में समझौता किया गया है। महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति और उनके स्रोतों में विविधता भारत की रणनीतिक और औद्योगिक जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है।
दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 5 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य भी तय किया है। इसके लिए बाजार पहुंच, कनेक्टिविटी, बैंकिंग और भुगतान व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।
11 समझौतों में खनन, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, आयुर्वेद और पर्यावरण जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा बौद्ध विरासत स्थलों के संरक्षण और युवाओं के बीच आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी है।
भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सहयोग अब सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं रहेगा। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऊर्जा, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी बढ़ाने की योजना है। इससे मध्य एशिया में भारत की आर्थिक और रणनीतिक मौजूदगी मजबूत हो सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को नई दिशा दी है। UPI से लेकर यूरेनियम और क्रिटिकल मिनरल्स तक हुए समझौते आने वाले वर्षों में दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक सहयोग का आधार बन सकते हैं। 5 अरब डॉलर का व्यापार लक्ष्य इस बढ़ती साझेदारी की महत्वाकांक्षा को भी दर्शाता है।



