भारत आएंगे जापान के F-2A फाइटर जेट, वीर गार्डियन 26

जापान के तीन F-2A फाइटर जेट पहली बार भारत की धरती पर पहुंचेंगे। ये विमान सितंबर में राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र में होने वाले ‘वीर गार्डियन 26’ संयुक्त हवाई अभ्यास में भारतीय वायुसेना के साथ हिस्सा लेंगे। जापानी वायुसेना के करीब 110 कर्मी भी इस मिशन का हिस्सा होंगे।
यह भारत और जापान के रक्षा सहयोग में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे पहले दोनों देशों की वायुसेनाओं ने 2023 में जापान में संयुक्त अभ्यास किया था, लेकिन इस बार जापानी लड़ाकू विमान पहली बार भारत आकर अभ्यास करेंगे। इसका उद्देश्य दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच तालमेल और परिचालन क्षमताओं को बेहतर करना है।
अभ्यास में अमेरिकी सहयोग भी अहम बताया जा रहा है। लंबी दूरी तय करके भारत आने वाले जापानी विमानों के लिए अमेरिकी वायुसेना ईंधन और एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग सपोर्ट उपलब्ध कराएगी। यही वजह है कि इस अभ्यास को भारत-जापान के साथ अमेरिका के रणनीतिक सहयोग के नजरिए से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
F-2A को जापान ने अमेरिका के F-16 डिजाइन के आधार पर विकसित किया है, लेकिन इसमें जापानी तकनीक और विशेष क्षमताएं शामिल हैं। यह बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है और जापान की वायु रक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
‘वीर गार्डियन 26’ ऐसे समय हो रहा है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों को लेकर भारत और जापान दोनों सतर्क हैं। हालांकि आधिकारिक तौर पर अभ्यास का उद्देश्य दोनों देशों के बीच एयर-कॉम्बैट इंटरऑपरेबिलिटी और आपसी समझ बढ़ाना है, लेकिन इसकी रणनीतिक अहमियत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
भारत में जापानी F-2A की मौजूदगी से दोनों देशों की वायुसेनाओं को अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों में साथ काम करने का अनुभव मिलेगा। साझा उड़ान अभ्यास, संचार और मिशन प्लानिंग जैसी गतिविधियां भविष्य में दोनों देशों के सैन्य तालमेल को और मजबूत कर सकती हैं।



