AI और अध्यात्म: Claude को नैतिकता सिखाने में धर्मगुरुओं की मदद लेगी Anthropic

Anthropic का मानना है कि AI को सुरक्षित और उपयोगी बनाने के लिए केवल तकनीकी नियम पर्याप्त नहीं हैं। कंपनी ने विभिन्न धार्मिक और दार्शनिक परंपराओं के विशेषज्ञों के साथ संवाद शुरू किया है, ताकि AI के सामने आने वाले जटिल नैतिक सवालों पर अलग-अलग दृष्टिकोण समझे जा सकें।
स्वामी सर्वप्रियानंद, जो न्यूयॉर्क की Vedanta Society के प्रमुख और रामकृष्ण ऑर्डर के संन्यासी हैं, ने जून 2026 में एक बातचीत में Anthropic के साथ अपने अनुभव के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि कंपनी ने उन्हें सैन फ्रांसिस्को बुलाया और वहां अलग-अलग धार्मिक परंपराओं के विचारकों, काउंसलर्स और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ चर्चा हुई।
इस पहल में ईसाई, यहूदी, सिख और अन्य धार्मिक एवं दार्शनिक परंपराओं से जुड़े विशेषज्ञ भी शामिल रहे हैं। चर्चाओं का एक प्रमुख विषय यह रहा कि Claude जैसे AI मॉडल कठिन परिस्थितियों में नैतिक निर्णयों और परस्पर विरोधी मूल्यों को किस तरह समझें।
Anthropic ने मई 2026 में आधिकारिक तौर पर बताया था कि वह 15 से अधिक धार्मिक और क्रॉस-कल्चरल समूहों के विद्वानों, पादरियों, दार्शनिकों और एथिसिस्ट्स के साथ संवाद कर रही है। कंपनी ने इसे AI के सुरक्षित और मानव हित में विकास से जुड़े व्यापक प्रयास का हिस्सा बताया है।



