
करीब 54 साल बाद एक बार फिर इंसान चांद की परिक्रमा करने के लिए रवाना होने जा रहा है। NASA का Artemis II मिशन इस ऐतिहासिक पल को दोहराने वाला है, जो अंतरिक्ष अन्वेषण के नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
Artemis II मिशन का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रियों को चांद की कक्षा में भेजना है, जहां वे चंद्रमा का चक्कर लगाकर सुरक्षित वापस लौटेंगे। यह मिशन भविष्य में इंसानों को चांद की सतह पर उतारने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे पहले Apollo 8 ने 1968 में पहली बार इंसानों को चांद की कक्षा में पहुंचाया था। अब इतने लंबे अंतराल के बाद फिर से ऐसा मिशन लॉन्च होना अंतरिक्ष विज्ञान के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस मिशन के जरिए नई तकनीकों और सुरक्षा प्रणालियों का परीक्षण किया जाएगा, जो आगे चलकर चांद पर स्थायी मानव मिशन और मंगल ग्रह की यात्रा की राह को आसान बनाएंगे। यह मिशन न केवल वैज्ञानिक दृष्टि से बल्कि मानव उपलब्धि के लिहाज से भी एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।



