
Donald Trump के अहम संबोधन से ठीक पहले JD Vance द्वारा Pakistan को की गई कॉल ने कूटनीतिक हलकों में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम को सामान्य बातचीत के बजाय एक रणनीतिक कदम के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉल का मकसद क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखना, सहयोगी देशों से तालमेल बढ़ाना और संभावित संकट की स्थिति में समर्थन सुनिश्चित करना हो सकता है। पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति और उसके संबंधों को देखते हुए, वह इस तरह की वैश्विक रणनीति में अहम भूमिका निभा सकता है।
इसके अलावा, यह भी माना जा रहा है कि अमेरिका अपने सहयोगी देशों के साथ पहले से संवाद स्थापित कर किसी बड़े फैसले या घोषणा से पहले माहौल तैयार करना चाहता है। ऐसे में यह कॉल आने वाले समय में होने वाले कूटनीतिक या सैन्य कदमों का संकेत भी हो सकती है।
कुल मिलाकर, ट्रंप के संबोधन से पहले हुई यह बातचीत अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चल रहे ‘बैकडोर डिप्लोमेसी’ की ओर इशारा करती है, जिसके प्रभाव आने वाले दिनों में साफ तौर पर देखने को मिल सकते हैं।



