ईरान पर कब्जा अमेरिका के लिए मौत का कुआँ

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर कब्जा करना अमेरिका के लिए आसान नहीं है। तेहरान और उसके आसपास का भौगोलिक क्षेत्र जटिल और कठिनाईपूर्ण है। पहाड़, रेगिस्तान और संकरी घाटियाँ किसी भी सैन्य अभियान को चुनौतीपूर्ण बना देती हैं।
ईरान का भू-रणनीतिक स्थान भी इसे वैश्विक महत्व देता है। देश में सघन शहरी क्षेत्र, तेल और गैस के महत्वपूर्ण भंडार और होर्मुज स्ट्रेट जैसी संवेदनशील जल मार्ग स्थित हैं। इन सब कारणों से कोई भी सैन्य हस्तक्षेप भारी जटिलता और जोखिम लेकर आता है।
सैन्य विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के लिए भी ईरान में लंबी पैदल और रणनीतिक लड़ाई भारी नुकसान और जटिलताओं का कारण बन सकती है। स्थानीय प्रतिरोध, गुरिल्ला युद्ध और कठिन भौगोलिक परिस्थितियाँ अभियान को असंभव बना सकती हैं।
ऐसे में ईरान पर सैन्य कब्जा करना केवल तकनीकी चुनौती नहीं है, बल्कि मानव और आर्थिक संसाधनों के लिए भी अत्यंत जोखिमपूर्ण है। यही वजह है कि विशेषज्ञ इसे अमेरिका के लिए “मौत का कुआँ” मानते हैं।



