दिनेश त्रिवेदी की तारिक रहमान से मुलाकात, BRICS के लिए भारत आने पर नजर

भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की कोशिशों के बीच ढाका में भारत के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान से मुलाकात की। यह बैठक ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच शेख हसीना के मुद्दे समेत कई मामलों को लेकर तनाव बना हुआ है। त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तारिक रहमान को भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण भी दिया है।
BRICS सम्मेलन में भारत आने का न्योता
भारत में सितंबर में BRICS शिखर सम्मेलन प्रस्तावित है। भारत चाहता है कि बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक में शामिल हों। हालांकि, ढाका ने अभी तक उनकी भारत यात्रा को लेकर आधिकारिक तौर पर अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है। रिपोर्टों के अनुसार शेख हसीना के प्रत्यर्पण और अन्य द्विपक्षीय मुद्दे इस फैसले को प्रभावित कर सकते हैं।
दिनेश त्रिवेदी ने रिश्ते सुधारने पर दिया जोर
मुलाकात के बाद भारतीय पक्ष की ओर से सकारात्मक संदेश दिया गया। दिनेश त्रिवेदी ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं के बीच सीधे संवाद से कई समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है। उन्होंने तारिक रहमान को जनमानस से जुड़ा नेता बताते हुए भारत-बांग्लादेश संबंधों को बेहतर दिशा में ले जाने की उम्मीद जताई।
शेख हसीना का मुद्दा बना अहम चुनौती
भारत और बांग्लादेश के बीच सबसे संवेदनशील मुद्दों में पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना का मामला शामिल है। हसीना भारत में हैं और बांग्लादेश सरकार उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। ढाका का कहना है कि उनकी वापसी होने पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना होगा। वहीं भारत ने हसीना के हालिया सार्वजनिक संबोधन से खुद को अलग बताया है और बांग्लादेश के साथ राजनयिक संवाद जारी रखा है।
क्या तारिक रहमान आएंगे भारत?
फिलहाल तारिक रहमान की भारत यात्रा तय नहीं हुई है। भारत की ओर से BRICS सम्मेलन में शामिल होने का निमंत्रण दिया जा चुका है, लेकिन ढाका को इस पर अंतिम फैसला करना है। यदि तारिक रहमान भारत आते हैं, तो यह दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय राजनीतिक संवाद को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है।
रिश्तों में नई शुरुआत की उम्मीद
दिनेश त्रिवेदी और तारिक रहमान की मुलाकात को भारत-बांग्लादेश संबंधों में संवाद की नई कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर दोनों देश संवेदनशील मुद्दों पर मतभेदों का सामना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उच्चस्तरीय संपर्क और BRICS जैसे बहुपक्षीय मंचों के जरिए रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश भी जारी है।



