जिनेवा के एरियाना पार्क में दिखेंगे भारत के पांच मोर, एक सफेद भी

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा स्थित कार्यालय को पांच भारतीय मोर भेंट कर दशकों पुरानी परंपरा को फिर से जीवित किया है। इन पांच मोरों में चार सामान्य नीले रंग के हैं, जबकि एक नर मोर के पंख सफेद हैं। खास बात यह है कि नीले और सफेद रंग संयुक्त राष्ट्र से जुड़े रंगों से भी मेल खाते हैं।
एरियाना पार्क में दिखेंगे मोर
फिलहाल पांचों मोरों को करीब तीन महीने तक एक सुरक्षित घेरे में रखा जाएगा। इसके बाद उन्हें जिनेवा के एरियाना पार्क में स्वतंत्र रूप से घूमने की अनुमति दी जाएगी। इसी पार्क में संयुक्त राष्ट्र का यूरोपीय मुख्यालय स्थित है। मोरों की देखभाल चिड़ियाघर और संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारी मिलकर करेंगे।
1981 में भी भारत ने दिए थे मोर
यह पहली बार नहीं है जब भारत ने जिनेवा स्थित संयुक्त राष्ट्र कार्यालय को मोर भेंट किए हैं। वर्ष 1981 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दिल्ली चिड़ियाघर से मोरों का एक प्रजनन जोड़ा जिनेवा भेजा था। अब नए मोरों के आगमन के साथ यह पुरानी परंपरा दोबारा शुरू हुई है।
भारत की जैव विविधता का प्रतीक
भारतीय मिशन के अनुसार मोर भारत की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक हैं। जिनेवा में इनकी मौजूदगी भारत और संयुक्त राष्ट्र के बीच सहयोग के एक अनोखे सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय पहलू को भी दर्शाती है।
मोरों की खास देखभाल
जिनेवा बायोपार्क चिड़ियाघर के अनुसार एरियाना पार्क मोरों के लिए अनुकूल प्राकृतिक वातावरण प्रदान करता है। सुरक्षित अवधि पूरी होने के बाद इन पक्षियों को पार्क में खुले वातावरण में रहने का अवसर मिलेगा। इससे वहां आने वाले लोगों को भारत के राष्ट्रीय पक्षी को करीब से देखने का मौका भी मिलेगा।
भारत की ओर से मोरों का यह उपहार केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रतीक नहीं है, बल्कि जैव विविधता संरक्षण, सांस्कृतिक विरासत और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का भी संदेश देता है।



