3 मिलियन डॉलर का सोने का क्रॉस, 20 साल बाद म्यूजियम से गायब

समुद्र की गहराइयों से मिला एक बेशकीमती सोने का क्रॉस आज दुनिया की सबसे रहस्यमयी चोरी की कहानियों में शामिल है। बरमूडा के मशहूर गोताखोर और खजाना खोजी टेडी टकर ने 1955 में 16वीं सदी के एक स्पेनिश जहाज के मलबे से इस क्रॉस को खोजा था। क्रॉस पर सात पन्ने जड़े थे और इसे टकर की सबसे महत्वपूर्ण खोजों में गिना गया।
बताया जाता है कि यह जहाज San Pedro था, जो 1594 में बरमूडा की चट्टानों के पास दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। हालांकि जहाज की सटीक पहचान को लेकर इतिहासकारों में मतभेद भी रहे हैं। टकर ने बाद में अपना खजाना बरमूडा सरकार को बेच दिया, ताकि यह महत्वपूर्ण धरोहर द्वीप पर ही रहे।
यह क्रॉस कुछ समय तक बरमूडा के एक्वेरियम और बाद में म्यूजियम में प्रदर्शित किया गया। 1975 में जब इसे महारानी एलिजाबेथ द्वितीय की प्रस्तावित यात्रा के दौरान दिखाया जाना था, तब टेडी टकर ने डिस्प्ले में कुछ गड़बड़ देखी। असली सोने के क्रॉस की जगह वहां एक नकली प्रतिकृति रखी गई थी, जिस पर लगा पेंट भी ताजा बताया गया।
चोरी की जांच में कई संभावनाएं सामने आईं। यह आशंका भी जताई गई कि चोरी में किसी अंदरूनी व्यक्ति का हाथ हो सकता है, क्योंकि क्रॉस को सुरक्षित रखने वाली व्यवस्था से जुड़े लोगों को इसकी जानकारी थी। जांच में पुलिस के साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों की मदद भी ली गई, लेकिन क्रॉस का कोई पता नहीं चल सका।
आज इस Tucker Cross की अनुमानित कीमत करीब 3 मिलियन डॉलर बताई जाती है। दशकों बीत जाने के बाद भी यह बेशकीमती धरोहर कहां है, इसका रहस्य बरकरार है। टेडी टकर का 2014 में निधन हो गया, लेकिन उनकी सबसे चर्चित खोज आज भी बरमूडा के अनसुलझे रहस्यों में शामिल है।



