भारत-जापान दोस्ती: बुद्ध से बुलेट ट्रेन तक, सदियों पुराना है रिश्ता

भारत और जापान के संबंध केवल आधुनिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनकी जड़ें बुद्ध धर्म और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के जरिए सदियों पुरानी हैं। छठी शताब्दी के आसपास बौद्ध विचारों के जापान पहुंचने के बाद दोनों देशों के बीच आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत हुए। आजादी के बाद दोनों देशों ने आर्थिक और तकनीकी सहयोग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। मारुति-सुजुकी की सफलता ने भारत के ऑटोमोबाइल क्षेत्र में क्रांति ला दी, जबकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी का प्रमुख उदाहरण है।
हाल के वर्षों में भारत और जापान के रिश्ते रक्षा, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, सप्लाई चेन और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग तक विस्तारित हुए हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा और चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच दोनों देश मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक व्यवस्था का समर्थन करते हैं। जापान भारत के सबसे बड़े निवेशकों में शामिल है और दोनों देशों के बीच बुनियादी ढांचे, व्यापार, प्रौद्योगिकी तथा रक्षा क्षेत्र में सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक हितों और रणनीतिक साझेदारी के कारण भारत-जापान संबंध आने वाले वर्षों में वैश्विक राजनीति और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



