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फोर्दो परमाणु केंद्र पर फिर से हुआ हमला तो ईरान ने इजरायल पर कर दी मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार, अमेरिका को भी दी चेतावनी

दुबई। ईरान के फोर्दो स्थित भूमिगत यूरेनियम संवर्धन स्थल पर सोमवार को फिर से हमला किया गया और ईरान ने भी इजरायल पर मिसाइलों और ड्रोनों की बौछार कर दी। साथ ही ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरानी परमाणु स्थलों पर बड़े पैमाने पर किए गए हमलों के मद्देनजर अब उसकी सेना को अमेरिकी ठिकानों पर हमला करने की ‘खुली छूट’ मिल गई है।

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने बताया कि फोर्दो स्थित परमाणु केंद्र रविवार को हुए हमले में भी प्रभावित हुआ था और सोमवार को इस पर फिर से हमला किया गया। इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है कि हमला किसने किया और कितना नुकसान हुआ, हालांकि इजराइल ने पहले कहा था कि वह ईरान पर हवाई हमले कर रहा है।

वियना में, संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के प्रमुख ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि रविवार को अमेरिका द्वारा बंकर-बस्टर बमों से किए गए हवाई हमले के बाद फोर्दो स्थित परमाणु केंद्र में भारी क्षति हुई होगी। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने कहा, ‘‘उपयोग किए गए विस्फोटक पेलोड को देखते हुए … बहुत अधिक क्षति … होने की आशंका है।’’

रविवार को ईरान के परमाणु केंद्रों पर हमलों के साथ, अमेरिका ने खुद को इजरायल के युद्ध में शामिल कर लिया, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष की आशंकाएं पैदा हो गईं। ईरान ने कहा कि अमेरिका ने मिसाइलों और 30,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों से तीन स्थलों पर हमला करने के अपने जोखिम भरे कदम से ‘एक बहुत बड़ी वर्जित रेखा’ पार कर दी है।

इजरायल ने कहा कि उसकी रक्षा प्रणालियां नवीनतम ईरानी खतरे को रोकने के लिए काम कर रही थीं, जिसने जाहिर तौर पर देश के उत्तरी और मध्य क्षेत्रों को निशाना बनाया। इजराइल ने लोगों को आश्रय स्थलों में जाने के लिए कहा। ईरान के सरकारी टेलीविज़न के अनुसार, ईरान ने इस हमले को अपने ऑपरेशन ‘ट्रू प्रॉमिस 3’ की नई लहर बताया और कहा कि यह इजराइली शहरों हाइफा और तेल अवीव को निशाना बना रहा था।

यरुशलम में भी विस्फोटों की आवाज सुनी गई। हालांकि, नुकसान की तत्काल कोई खबर नहीं है। ईरान में, चश्मदीदों ने बताया कि दोपहर में ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास के इलाकों में इजरायली हवाई हमले हुए। यह तुरंत स्पष्ट नहीं था कि किस चीज को निशाना बनाया गया था। वियना में, ग्रॉसी ने कहा, ‘‘इस समय आईएईए सहित कोई भी, फोर्दो में भूमिगत क्षति का पूरी तरह से आकलन करने की स्थिति में नहीं है।’’

सोमवार को, ईरानी सैन्यकर्मियों के संयुक्त प्रमुख जनरल अब्दुलरहीम मौसवी ने वाशिंगटन को चेतावनी दी कि उसके हमलों ने ईरानी बलों को अमेरिकी हितों और उसकी सेना के खिलाफ कार्रवाई करने की ‘खुली छूट’ दे दी है। पश्चिम एशिया में हजारों अमेरिकी सैनिक तैनात हैं।

अमेरिका ने ईरान के तीन परमाणु केंद्रों – फोर्दो, नतांज और इस्फहान पर रविवार को हुए हमले को एक बार में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने वाला बताया, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर तेहरान जवाबी कार्रवाई करता है तो और भी हमले किये जाएंगे।

ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने कहा कि मौसवी ने अमेरिकी हमले को ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन, देश में इजराइली युद्ध में प्रवेश करने और देश पर आक्रमण करने के समान बताया। ईरान पर अमेरिकी हमलों के मद्देनजर, दुनिया भर से तनाव कम करने और संघर्ष को हल करने के लिए कूटनीति की ओर लौटने की मांग की जा रही है।

सोमवार को, यूरोपीय संघ की शीर्ष राजनयिक काजा कल्लास ने कहा कि समूह ‘कूटनीतिक समाधान पर बहुत अधिक केंद्रित है।’ ब्रसेल्स में विदेश मंत्रियों की बैठक की शुरुआत में उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिशोध और इस युद्ध के बढ़ने की चिंताएं बहुत बड़ी हैं।’’ इस बैठक में ईरान एजेंडे में सबसे ऊपर है। ईरान इस बात पर जोर देता है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल नागरिक उद्देश्यों के लिए है।

उसने प्रतिबंधों में राहत के बदले में 2015 में अमेरिका, फ्रांस, चीन, रूस, ब्रिटेन और जर्मनी के साथ हुए समझौते के तहत अपने यूरेनियम संवर्धन को सीमित करने और अंतरराष्ट्रीय निरीक्षकों को अपने परमाणु स्थलों तक पहुंच की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की थी। लेकिन ट्रंप द्वारा अपने पहले कार्यकाल के दौरान अमेरिका को एकतरफा तरीके से इस समझौते से बाहर निकालने के बाद, ईरान ने 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन करना शुरू कर दिया – जो कि हथियार-ग्रेड के 90 प्रतिशत के स्तर से एक मामूली तकनीकी कदम दूर है।

उसने अपने परमाणु केंद्रों तक पहुंच को प्रतिबंधित कर दिया। ट्रंप जब सोमवार को यूरोपीय संघ में अपने समकक्षों के साथ बैठक के लिए ब्रसेल्स पहुंचे, तो जर्मन विदेश मंत्री ने ईरान से अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के लिए फिर से सहमत होने का आह्वान किया, लेकिन कहा कि यूरोप को अब भी भूमिका निभानी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची सोमवार को मास्को में ईरान के प्रमुख सहयोगियों में से एक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात कर रहे हैं।

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