
ट्रंप की नीतियों और होर्मुज स्ट्रेट को लेकर दी गई धमकी के बीच ईरान ने अपनी मुख्य बिजली संयंत्रों की सुरक्षा के लिए एक असामान्य कदम उठाया है। देश के युवा, छात्र, कलाकार और नागरिकों को पावर प्लांटों के चारों ओर ‘मानव चेन’ बनाने के लिए बुलाया गया है, जिससे संभावित हमलों के खिलाफ प्रतीकात्मक एकता और प्रतिरोध दिखाया जा सके।
ईरानी अधिकारियों ने इसे “हमारी दौलत और विरासत” की रक्षा के रूप में पेश किया है, और यह संदेश देने की कोशिश की है कि ऊर्जा अवसंरचना राष्ट्र की सुरक्षा और भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के कदम से तनाव और भी बढ़ सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऐसे उपायों को विवादास्पद माना जा रहा है।
इस मानव चेन योजना के तहत ईरानी नागरिकों को अपने शरीर को सुरक्षा कवच की तरह इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता का संदेश देने वाला भी है। उन्होंने युवाओं और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संयंत्रों के आसपास एकजुट हों और संभावित हमलों के खिलाफ “शांतिपूर्ण प्रतिरोध” दिखाएँ।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह रणनीति अंतरराष्ट्रीय कानून और मानवाधिकारों के दृष्टिकोण से विवादास्पद हो सकती है। अगर किसी हमले की स्थिति में नागरिकों को सीधे खतरा पहुँचता है, तो यह वैश्विक आलोचना का कारण बन सकता है। वहीं, ईरानी सरकार का मानना है कि यह कदम उनके देश की संप्रभुता और विदेशियों के दबाव के खिलाफ आत्मनिर्भरता की नीति को दिखाता है।
सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार, यह योजना मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान की ताकत और साहस का प्रतीक भी है। हालांकि, वास्तविक रूप से पावर प्लांटों की सुरक्षा में तकनीकी उपायों और आधुनिक सुरक्षा प्रोटोकॉल को लागू करना भी उतना ही जरूरी है।



