इजरायल की संसद भंग, आम चुनाव का रास्ता साफ; नेतन्याहू रहेंगे कार्यवाहक PM

इजरायल में राजनीतिक गतिरोध के बीच संसद (नेसेट) भंग कर दी गई है, जिससे देश में नए आम चुनाव कराने का रास्ता साफ हो गया है। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू चुनाव तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में पद पर बने रहेंगे।
संसद भंग होने का फैसला इजरायल की गठबंधन राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच आया है। सरकार के भीतर मतभेद, नीतिगत मुद्दे और गठबंधन सहयोगियों के बीच असहमति लंबे समय से राजनीतिक संकट का कारण बने हुए थे।
नेसेट के भंग होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी और मतदाता नई सरकार चुनेंगे। चुनाव की तारीख और आगे की राजनीतिक प्रक्रिया इजरायल के चुनाव नियमों के अनुसार तय की जाएगी।
नेतन्याहू के लिए यह चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है। वह लंबे समय से इजरायल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं, लेकिन उनके नेतृत्व को लेकर देश के भीतर समर्थन और विरोध दोनों देखने को मिलता रहा है।
गाजा संघर्ष, सुरक्षा नीति, बंधकों की रिहाई और न्यायिक सुधार जैसे मुद्दे चुनाव में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। विपक्षी दल सरकार की नीतियों को लेकर नेतन्याहू पर सवाल उठाते रहे हैं, जबकि उनके समर्थक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने की बात करते हैं।
इजरायल की राजनीतिक व्यवस्था में गठबंधन सरकारों का महत्व काफी अधिक है। चुनाव के बाद बहुमत हासिल करने और सहयोगी दलों के समर्थन से ही नई सरकार का गठन संभव होगा।
अब सभी की नजरें चुनावी अभियान, राजनीतिक गठजोड़ और इजरायल की जनता के फैसले पर रहेंगी, जो देश की आगामी दिशा तय करेगा।



